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पत्नी की हत्या कर शव अलीगढ़ ले जाकर खेत में दबाया
Updated Tue, 01 May 2018 11:08 PM IST
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पत्नी की हत्या कर शव अलीगढ़ ले जाकर खेत में दबाया
फरीदाबाद। दहेज को लेकर पत्नी चेतना के साथ हुए झगड़े के दौरान सूर्या विहार, पल्ला निवासी पति जयप्रकाश ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। शव को ठिकाने लगाने के लिए आरोपी ने अपने छोटे भाई अमित के साथ मिलकर किराए की टैक्सी बुलाई। पत्नी को बीमार बताकर आरोपी शव को अलीगढ़ अपने पैतृक गांव सूरजपुर ले गया शव को जमीन में दबा दिया। उधर, टैक्सी चालक ने शक होने पर फरीदाबाद पुलिस को पूरी कहानी बताई तो मामला खुलता चला गया। पुलिस ने जब आरोपी से पूछताछ की तो जयप्रकाश ने पत्नी की हत्या कर शव को खेतों में दबाने की बात कबूल कर ली। पुलिस ने शव को बरामद कर आरोपी पति व उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि भाई की तलाश जारी है।
मूलरूप से गांव सूरजपुर, अलीगढ़ निवासी जयप्रकाश वर्मा पत्नी चेतना व दो बच्चों के साथ यहां सूर्या विहार पार्ट दो में रहता है। चेतना मूलरूप से गांव याकुपुर, बुलंदशहर की रहने वाली थी। जयप्रकाश दिल्ली के एक सराफ के पास एकाउंटेंट का काम करता है। पुलिस के अनुसार गत 28 अप्रैल को जयप्रकाश व चेतना के बीच झगड़ा हो गया। उसने अपनी पत्नी का गला दबा कर हत्या कर दी। शव को ठिकाने लगाने के लिए उसने गांव जाने के लिए एक टैक्सी बुक करवाई। टैक्सी चालक हेमू को जयप्रकाश ने बताया कि उसकी पत्नी की तबियत ठीक नहीं है और वह उसे अलीगढ़ के खैर स्थित अस्पताल में दिखाने ले जा रहे हैं।
चालक को शक न हो इसके लिए दोनों भाई चेतना को इस तरह से पकड़ कर लाए, जैसे वह बहुत बीमार है और चल नहीं पा रही है। तीनों टैक्सी में सवार हो गए, चेतना के शव को बीच में इस तरह रखा गया कि लगे वह बैठी हुई है। उसके दोनों तरफ जयप्रकाश व अमित बैठ गए। गांव पहुंचने पर दोनों भाईयों ने खेतों से पहले ही गाड़ी रुकवा ली और तीनों उतर गए। उन्होंने चालक को थोड़ी देर में आने की बात कह इंतजार करने को कहा।
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इस दौरान उसने खेत में पिता चंद्रपाल व परिवार के अन्य लोग मिले। उनकी मदद से उन्होंने चेतना के शव को जमीन में दबा दिया और ऊपर से लकड़ियां डालकर गड्ढा भर दिया। जब वह वापस टैक्सी चालक के पास लौटे तो उसने उनसे चेतना के बारे में पूछा, मगर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया और उलटा धमका दिया। दोनों वापस फरीदाबाद आ गए।
अगले दिन जयप्रकाश ने पल्ला चौकी में जाकर पत्नी की गुमशुदगी की शिकायत दी, मगर तभी चालक हेमू भी पुलिस के पास पहुंच गया और सारी कहानी बता दी। इस पर पुलिस ने जयप्रकाश से सख्ती से पूछताछ की तो उसने सच उगल दिया। पुलिस उसे गिरफ्तार कर सूरजपुर ले गई और ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष खेतों में से शव को बाहर निकाला। पुलिस ने उसके पिता चंद्रपाल को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर इस वारदात में शामिल और आरोपियों के बारे में पता किया जा रहा है।
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फरीदाबाद। दहेज को लेकर पत्नी चेतना के साथ हुए झगड़े के दौरान सूर्या विहार, पल्ला निवासी पति जयप्रकाश ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। शव को ठिकाने लगाने के लिए आरोपी ने अपने छोटे भाई अमित के साथ मिलकर किराए की टैक्सी बुलाई। पत्नी को बीमार बताकर आरोपी शव को अलीगढ़ अपने पैतृक गांव सूरजपुर ले गया शव को जमीन में दबा दिया। उधर, टैक्सी चालक ने शक होने पर फरीदाबाद पुलिस को पूरी कहानी बताई तो मामला खुलता चला गया। पुलिस ने जब आरोपी से पूछताछ की तो जयप्रकाश ने पत्नी की हत्या कर शव को खेतों में दबाने की बात कबूल कर ली। पुलिस ने शव को बरामद कर आरोपी पति व उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि भाई की तलाश जारी है।
मूलरूप से गांव सूरजपुर, अलीगढ़ निवासी जयप्रकाश वर्मा पत्नी चेतना व दो बच्चों के साथ यहां सूर्या विहार पार्ट दो में रहता है। चेतना मूलरूप से गांव याकुपुर, बुलंदशहर की रहने वाली थी। जयप्रकाश दिल्ली के एक सराफ के पास एकाउंटेंट का काम करता है। पुलिस के अनुसार गत 28 अप्रैल को जयप्रकाश व चेतना के बीच झगड़ा हो गया। उसने अपनी पत्नी का गला दबा कर हत्या कर दी। शव को ठिकाने लगाने के लिए उसने गांव जाने के लिए एक टैक्सी बुक करवाई। टैक्सी चालक हेमू को जयप्रकाश ने बताया कि उसकी पत्नी की तबियत ठीक नहीं है और वह उसे अलीगढ़ के खैर स्थित अस्पताल में दिखाने ले जा रहे हैं।
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चालक को शक न हो इसके लिए दोनों भाई चेतना को इस तरह से पकड़ कर लाए, जैसे वह बहुत बीमार है और चल नहीं पा रही है। तीनों टैक्सी में सवार हो गए, चेतना के शव को बीच में इस तरह रखा गया कि लगे वह बैठी हुई है। उसके दोनों तरफ जयप्रकाश व अमित बैठ गए। गांव पहुंचने पर दोनों भाईयों ने खेतों से पहले ही गाड़ी रुकवा ली और तीनों उतर गए। उन्होंने चालक को थोड़ी देर में आने की बात कह इंतजार करने को कहा।
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इस दौरान उसने खेत में पिता चंद्रपाल व परिवार के अन्य लोग मिले। उनकी मदद से उन्होंने चेतना के शव को जमीन में दबा दिया और ऊपर से लकड़ियां डालकर गड्ढा भर दिया। जब वह वापस टैक्सी चालक के पास लौटे तो उसने उनसे चेतना के बारे में पूछा, मगर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया और उलटा धमका दिया। दोनों वापस फरीदाबाद आ गए।
अगले दिन जयप्रकाश ने पल्ला चौकी में जाकर पत्नी की गुमशुदगी की शिकायत दी, मगर तभी चालक हेमू भी पुलिस के पास पहुंच गया और सारी कहानी बता दी। इस पर पुलिस ने जयप्रकाश से सख्ती से पूछताछ की तो उसने सच उगल दिया। पुलिस उसे गिरफ्तार कर सूरजपुर ले गई और ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष खेतों में से शव को बाहर निकाला। पुलिस ने उसके पिता चंद्रपाल को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर इस वारदात में शामिल और आरोपियों के बारे में पता किया जा रहा है।