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निर्दोष को थर्ड डिग्री टार्चर देने में क्राइम ब्रांच 85 इंचार्ज सहित तीन पुलिसकर्मी निलंबित

Thu, 01 Nov 2018 08:52 PM IST
Updated Thu, 01 Nov 2018 08:52 PM IST
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निर्दोष को थर्ड डिग्री टार्चर देने में क्राइम ब्रांच 85 इंचार्ज सहित तीन पुलिसकर्मी निलंबित

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निर्दोष को थर्ड डिग्री टार्चर देने में तीन पुलिसकर्मी निलंबित

फरीदाबाद। अहीरवाड़ा, ओल्ड फरीदाबाद राजेंद्र को गैरकानूनी ढंग से बंधक बनाकर थर्ड डिग्री टॉर्चर दिए जाने के मामले में पुलिस आयुक्त ने क्राइम ब्रांच सेक्टर 85 प्रभारी इंस्पेक्टर रवींद्र, सेक्टर 30 क्राइम ब्रांच में तैनात सिपाही अंशुल और मनोज को निलंबित कर दिया। मामले की जांच कर रहे एसीपी क्राइम यशपाल खटाना ने बृहस्पतिवार को बीके सिविल अस्पताल में भर्ती पीड़ित राजेंद्र के बयान दर्ज किए।
पीड़ित राजेंद्र ने एसीपी को बताया कि मंगलवार शाम सेक्टर-29 बाईपास शराब ठेके पर बहस होने के बाद चार युवक उसे उठाकर क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 लेकर गए थे। वहां उसे पता चला कि वे पुलिसकर्मी हैं। वे सभी नशे में धुत थे। इसके बाद उन्होंने उसे लात-घूसों व डंडों से बुरी तरह पीटा। उसकी जांघों और पैरों पर लोहे का भारी बेलन चलाया गया। राजेंद्र ने बताया कि थर्ड डिग्री देने वाले पुलिसकर्मी उसके खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज करने की बात आपस में कह रहे थे। बताया कि मारपीट के बाद उसे सेक्टर-85 क्राइम ब्रांच ले जाया गया वहां के मुंशी ने फर्जी मुकदमा दर्ज करने से इनकार कर दिया, इस पर उसे वापस सेक्टर 30 क्राइम ब्रांच ले जाया गया, यहां भी मुंशी ने मुकदमा दर्ज करने से इनकार कर दिया, इस पर सभी पुलिसकर्मी उसे वहीं छोड़ कर चले गए।
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ओल्ड फरीदाबाद पुलिस की लापरवाही भी सामने आई
राजेंद्र को पीटे जाने के मामले में ओल्ड फरीदाबाद पुलिस ने भी प्रक्रिया का पालन करने में लापरवाही बरती। नियमानुसार यदि कोई घायल व्यक्ति अस्पताल में भर्ती होता है तो अस्पताल प्रबंधन मेडिको लीगल रिपोर्ट (एमएलआर) संबंधित थाने को भेजता है। थाने की पुलिस अस्पताल पहुंच कर घायल के बयान दर्ज कर मामले की जांच करती है। पीड़ित राजेंद्र की एमएलआर भी ओल्ड फरीदाबाद थाने भेजी गई लेकिन पुलिस ने उसका बयान दर्ज नहीं किया। परिजनों का आरोप है कि वह लोग खुद थाने पहुंचे और केस दर्ज करने की मांग की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मामले की जांच कर रहे एसीपी क्राईम यशपाल खटाना ने कहा कि निष्पक्ष जांच की जाएगी, पीड़ित के बयान दर्ज करने के बाद अब आरोपी पुलिस कर्मियों से पूछताछ की जाएगी। जल्द ही जांच रिपोर्ट डीसीपी क्राइम को सौंपेंगे। डीसीपी लोकेंद्र सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच के बाद एसआइ रविंद्र सहित तीन पुलिस कर्मियों को निलंबित किया है। जांच में अगर अन्य पुलिसकर्मियों के भी नाम सामने आएंगे तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी।
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