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साढ़े तीन घंटे तक सीबीआई ने खंगाला आयकर अधिकारी का घर
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साढ़े तीन घंटे तक सीबीआई ने खंगाला आयकर अधिकारी का घर
फरीदाबाद। पचास हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में रंगेहाथ गिरफ्तार किए गए आयकर अधिकारी चंद्रभान नारंग के फरीदाबाद स्थित आवास पर सर्च अभियान चलाया। करीब साढ़े तीन घंटे चली इस सर्च में सीबीआई अफसर कुछ संदिग्ध दस्तावेज व अन्य सामान अपने साथ ले गए हैं। सीबीआई इंस्पेक्टर रमन शुक्ला की अगुवाई में यह सर्च किया गया।
सीबीआई टीम बृहस्पतिवार आधी रात के बाद करीब ढाई बजे आरोपी आयकर अधिकारी के घर पहुंची। टीम ने अपनी कार्रवाई की सूचना इस कदर गोपनीय रखी कि स्थानीय पुलिस को भी इसकी जानकारी न हो सकी। टीम ने सुबह छह बजे तक मकान में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान आयकर अधिकारी की पत्नी और अन्य परिजन भी घर में मौजूद थे। बताया जाता है कि आरोपी आयकर अधिकारी की पत्नी भी सरकारी अधिकारी है और फरीदाबाद में ही तैनात हैं।
यह था मामला:
बीते मंगलवार रात चंडीगढ़ की विशेष सीबीआई टीम ने रिश्वत लेने के आरोप में फतेहाबाद में आयकर अधिकारी चंद्रभान नारंग के साथ ही उनके करीबी रिश्तेदार महेंद्र व एक सीए सुशील सिंगला को गिरफ्तार किया था। आयकर अधिकारी के खिलाफ रतिया नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन जसपाल सिंह पाली ने शिकायत दी थी। मूलरूप से अग्रोहा के रहने वाले चंद्रभान नारंग का परिवार अब फरीदाबाद में रहता है।
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शिकायतकर्ता एवं नगर पालिका रतिया के पूर्व चेयरमैन जसपाल सिंह पाली ने बताया कि साल 2010-11 में उन्होंने अपना मंडी का आढ़ती बदला था। पुराने आढ़ती से हिसाब होने के बाद तकरीबन 13 लाख रूपये के करीब उनके पास नगदी थी। उनके पास इस नगदी के जे-फार्म थे। इसके चलते उसने इस नगदी को अलग-अलग किश्तों में बैंक में जमा करवा दिया। इसके बाद उसे कई साल तक आयकर विभाग ने कोई नोटिस नहीं दिया, लेकिन इस बीच फ तेहाबाद में आए आयकर अधिकारी चंद्रभान नारंग के दफ्तर से उनकी रतिया स्थित दुकान पर नोटिस आया तो वे नारंग के सामने पेश हुए और नगदी के बारे में सारी जानकारी उन्हें दी।
जसपाल सिंह का आरोप है कि आईटीओ चंद्रभान नारंग ने उनकी एक नहीं सुनी और मामले के सही कागजात का बहाना करके उसे फतेहाबाद के एक सीए के पास भेज दिया। जसपाल ने कहा कि जब वो सीए से मिला तो पहले तो उन्होंने उसके सारे कागजात चेक किए और इसके बाद फिर उसे और आईटीओ नारंग को आमने-सामने बिठा दिया। जसपाल सिंह का आरोप है कि इस बैठक में आईटीओ नारंग ने उसे एक लाख रुपये की डिमांड की थी। बाद में मामला 75 हजार में तय हो गया था। उसने आईटीओ से तीन-चार दिन का समय मांगा था, लेकिन अगले दिन से ही आईटीओ उसे लगातार फ ोन कर पैसों की मांग करने लगा था। इससे तंग आकर उसने सीबीआई की चंडीगढ़ शाखा में जाकर शिकायत दी थी। शिकायत के बाद सीबीआई की विशेष टीम ले मंगलवार को आरोपी को उसके मॉडल टाउन स्थित किराए के मकान से धर दबोचा था।
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फरीदाबाद। पचास हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में रंगेहाथ गिरफ्तार किए गए आयकर अधिकारी चंद्रभान नारंग के फरीदाबाद स्थित आवास पर सर्च अभियान चलाया। करीब साढ़े तीन घंटे चली इस सर्च में सीबीआई अफसर कुछ संदिग्ध दस्तावेज व अन्य सामान अपने साथ ले गए हैं। सीबीआई इंस्पेक्टर रमन शुक्ला की अगुवाई में यह सर्च किया गया।
सीबीआई टीम बृहस्पतिवार आधी रात के बाद करीब ढाई बजे आरोपी आयकर अधिकारी के घर पहुंची। टीम ने अपनी कार्रवाई की सूचना इस कदर गोपनीय रखी कि स्थानीय पुलिस को भी इसकी जानकारी न हो सकी। टीम ने सुबह छह बजे तक मकान में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान आयकर अधिकारी की पत्नी और अन्य परिजन भी घर में मौजूद थे। बताया जाता है कि आरोपी आयकर अधिकारी की पत्नी भी सरकारी अधिकारी है और फरीदाबाद में ही तैनात हैं।
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यह था मामला:
बीते मंगलवार रात चंडीगढ़ की विशेष सीबीआई टीम ने रिश्वत लेने के आरोप में फतेहाबाद में आयकर अधिकारी चंद्रभान नारंग के साथ ही उनके करीबी रिश्तेदार महेंद्र व एक सीए सुशील सिंगला को गिरफ्तार किया था। आयकर अधिकारी के खिलाफ रतिया नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन जसपाल सिंह पाली ने शिकायत दी थी। मूलरूप से अग्रोहा के रहने वाले चंद्रभान नारंग का परिवार अब फरीदाबाद में रहता है।
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शिकायतकर्ता एवं नगर पालिका रतिया के पूर्व चेयरमैन जसपाल सिंह पाली ने बताया कि साल 2010-11 में उन्होंने अपना मंडी का आढ़ती बदला था। पुराने आढ़ती से हिसाब होने के बाद तकरीबन 13 लाख रूपये के करीब उनके पास नगदी थी। उनके पास इस नगदी के जे-फार्म थे। इसके चलते उसने इस नगदी को अलग-अलग किश्तों में बैंक में जमा करवा दिया। इसके बाद उसे कई साल तक आयकर विभाग ने कोई नोटिस नहीं दिया, लेकिन इस बीच फ तेहाबाद में आए आयकर अधिकारी चंद्रभान नारंग के दफ्तर से उनकी रतिया स्थित दुकान पर नोटिस आया तो वे नारंग के सामने पेश हुए और नगदी के बारे में सारी जानकारी उन्हें दी।
जसपाल सिंह का आरोप है कि आईटीओ चंद्रभान नारंग ने उनकी एक नहीं सुनी और मामले के सही कागजात का बहाना करके उसे फतेहाबाद के एक सीए के पास भेज दिया। जसपाल ने कहा कि जब वो सीए से मिला तो पहले तो उन्होंने उसके सारे कागजात चेक किए और इसके बाद फिर उसे और आईटीओ नारंग को आमने-सामने बिठा दिया। जसपाल सिंह का आरोप है कि इस बैठक में आईटीओ नारंग ने उसे एक लाख रुपये की डिमांड की थी। बाद में मामला 75 हजार में तय हो गया था। उसने आईटीओ से तीन-चार दिन का समय मांगा था, लेकिन अगले दिन से ही आईटीओ उसे लगातार फ ोन कर पैसों की मांग करने लगा था। इससे तंग आकर उसने सीबीआई की चंडीगढ़ शाखा में जाकर शिकायत दी थी। शिकायत के बाद सीबीआई की विशेष टीम ले मंगलवार को आरोपी को उसके मॉडल टाउन स्थित किराए के मकान से धर दबोचा था।