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Faridabad News: अल-फलाह यूनिवर्सिटी में वीसी और छात्रों के बीच तीखी बहस, ऑडियो सामने आया
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छात्रों ने यूनिवर्सिटी को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए, नाम बदलने की भी मांग रखी
एनएएसी के शो कॉज नोटिस और एआईयू मान्यता पर भी गर्मागर्म बहस
39 मिनट का संदिग्ध ऑडियो मिला, सत्यता की पुष्टि नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। दिल्ली ब्लास्ट कांड में अल फलाह यूनिवर्सिटी का नाम आने के बाद छात्रों और अभिभावकों में चिंता गहराती जा रही है। यूनिवर्सिटी के माहौल और भविष्य को लेकर छात्र प्रबंधन से लगातार जवाब मांग रहे हैं और संस्थान के नाम में बदलाव तक की मांग उठा रहे हैं। इसी बीच यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर और छात्रों के बीच हुई तीखी नोक-झोंक का 39 मिनट का एक ऑडियो क्लिप सामने आया है। इसमें छात्र करियर, यूनिवर्सिटी का नाम आतंकी गतिविधियों से जुड़ने और एनएएसी के शो कॉज नोटिस को लेकर सवाल पूछते सुने जा सकते हैं। जवाबों के दौरान कई बार छात्र विरोध जताते भी सुनाई देते हैं। हालांकि इस ऑडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं हो सकी है।
यूनिवर्सिटी हाल के समय में फार्माकोलॉजिस्ट डॉ. शाहीन सईद, सर्जन डॉ. मुजम्मिल शकील और मेडिसिन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. उमर नबी जैसे शिक्षकों के आतंकी मॉड्यूल से जुड़े होने के आरोपों के कारण चर्चा में है। एनआईए और अन्य जांच एजेंसियां लगातार कैंपस में आकर जांच कर रही हैं। इससे छात्रों और उनके परिजनों की चिंता और बढ़ गई है। शनिवार को 26 से अधिक अभिभावक यूनिवर्सिटी पहुंचे और बच्चों के भविष्य को लेकर सवाल उठाए थे।
ऑडियो के अनुसार वाइस चांसलर बीते दिन छात्रों को संबोधित करने पहुंचीं। उन्होंने छात्रों द्वारा मोबाइल से वीडियो बनाने पर नाराजगी जताते हुए कहा फोन बंद करो इससे कुछ फर्क नहीं पड़ेगा। आप डॉक्टर बनने वाले हैं यह ठीक नहीं है। मैं यहां आपको एड्रेस करने आई हूं। उन्होंने कहा कि अल-फलाह एक रेअर एस्टैब्लिश्ड कॉलेज है और अब यहां सब कुछ ठीक ढंग से चल रहा है। पहले बैचों में बदलाव और अटेंडेंस जैसी समस्याएं रहती थीं जिनका असर बच्चों के करियर पर पड़ता था।
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वीसी ने कहा कि यूनिवर्सिटी में सुरक्षा व्यवस्था थी लेकिन कुछ गतिविधियां उनकी जानकारी में नहीं आईं। कैंपस को लेकर जांच चल रही है। मुझे नहीं पता आगे क्या होगा लेकिन यूनिवर्सिटी की स्ट्रेंथ इतनी है कि कोई और इसकी जिम्मेदारी नहीं ले पाएगा। घटना इतनी बड़ी है कि कहानियां या बहाने काम नहीं आएंगे। ऊपरी स्तर से ही निष्पक्ष निर्णय लिया जाएगा।
छात्रों ने अपनी सुरक्षा और एनएएसी के शो कॉज नोटिस की स्थिति पर भी सवाल किए लेकिन ऑडियो में कई सवालों पर वीसी कोई स्पष्ट जवाब नहीं देती सुनाई पड़ती हैं। छात्रों ने एआईयू (ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी एसोसिएशन) सदस्यता खत्म होने का मुद्दा भी उठाया। इस पर वीसी ने स्वीकार किया कि यूनिवर्सिटी के पास वर्तमान में एआईयू की मान्यता नहीं है। उन्होंने कहा यूनिवर्सिटी से टेररिज्म एक्टिविटी से जुड़े लोग पकड़े गए हैं जिसका असर संस्थान की सपोर्ट पर पड़ा है। लेकिन अभी हम सही स्थिति में हैं जांच निष्पक्ष होगी और सब कुछ ठीक चल रहा है।
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एनएएसी के शो कॉज नोटिस और एआईयू मान्यता पर भी गर्मागर्म बहस
39 मिनट का संदिग्ध ऑडियो मिला, सत्यता की पुष्टि नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। दिल्ली ब्लास्ट कांड में अल फलाह यूनिवर्सिटी का नाम आने के बाद छात्रों और अभिभावकों में चिंता गहराती जा रही है। यूनिवर्सिटी के माहौल और भविष्य को लेकर छात्र प्रबंधन से लगातार जवाब मांग रहे हैं और संस्थान के नाम में बदलाव तक की मांग उठा रहे हैं। इसी बीच यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर और छात्रों के बीच हुई तीखी नोक-झोंक का 39 मिनट का एक ऑडियो क्लिप सामने आया है। इसमें छात्र करियर, यूनिवर्सिटी का नाम आतंकी गतिविधियों से जुड़ने और एनएएसी के शो कॉज नोटिस को लेकर सवाल पूछते सुने जा सकते हैं। जवाबों के दौरान कई बार छात्र विरोध जताते भी सुनाई देते हैं। हालांकि इस ऑडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं हो सकी है।
यूनिवर्सिटी हाल के समय में फार्माकोलॉजिस्ट डॉ. शाहीन सईद, सर्जन डॉ. मुजम्मिल शकील और मेडिसिन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. उमर नबी जैसे शिक्षकों के आतंकी मॉड्यूल से जुड़े होने के आरोपों के कारण चर्चा में है। एनआईए और अन्य जांच एजेंसियां लगातार कैंपस में आकर जांच कर रही हैं। इससे छात्रों और उनके परिजनों की चिंता और बढ़ गई है। शनिवार को 26 से अधिक अभिभावक यूनिवर्सिटी पहुंचे और बच्चों के भविष्य को लेकर सवाल उठाए थे।
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ऑडियो के अनुसार वाइस चांसलर बीते दिन छात्रों को संबोधित करने पहुंचीं। उन्होंने छात्रों द्वारा मोबाइल से वीडियो बनाने पर नाराजगी जताते हुए कहा फोन बंद करो इससे कुछ फर्क नहीं पड़ेगा। आप डॉक्टर बनने वाले हैं यह ठीक नहीं है। मैं यहां आपको एड्रेस करने आई हूं। उन्होंने कहा कि अल-फलाह एक रेअर एस्टैब्लिश्ड कॉलेज है और अब यहां सब कुछ ठीक ढंग से चल रहा है। पहले बैचों में बदलाव और अटेंडेंस जैसी समस्याएं रहती थीं जिनका असर बच्चों के करियर पर पड़ता था।
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वीसी ने कहा कि यूनिवर्सिटी में सुरक्षा व्यवस्था थी लेकिन कुछ गतिविधियां उनकी जानकारी में नहीं आईं। कैंपस को लेकर जांच चल रही है। मुझे नहीं पता आगे क्या होगा लेकिन यूनिवर्सिटी की स्ट्रेंथ इतनी है कि कोई और इसकी जिम्मेदारी नहीं ले पाएगा। घटना इतनी बड़ी है कि कहानियां या बहाने काम नहीं आएंगे। ऊपरी स्तर से ही निष्पक्ष निर्णय लिया जाएगा।
छात्रों ने अपनी सुरक्षा और एनएएसी के शो कॉज नोटिस की स्थिति पर भी सवाल किए लेकिन ऑडियो में कई सवालों पर वीसी कोई स्पष्ट जवाब नहीं देती सुनाई पड़ती हैं। छात्रों ने एआईयू (ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी एसोसिएशन) सदस्यता खत्म होने का मुद्दा भी उठाया। इस पर वीसी ने स्वीकार किया कि यूनिवर्सिटी के पास वर्तमान में एआईयू की मान्यता नहीं है। उन्होंने कहा यूनिवर्सिटी से टेररिज्म एक्टिविटी से जुड़े लोग पकड़े गए हैं जिसका असर संस्थान की सपोर्ट पर पड़ा है। लेकिन अभी हम सही स्थिति में हैं जांच निष्पक्ष होगी और सब कुछ ठीक चल रहा है।