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सस्ती कार का लालच देकर महिला से 1.40 लाख ठगे
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फरीदाबाद। ओएलएक्स पर सस्ती कार का विज्ञापन देखना एक महिला के लिए घाटे का सौदा साबित हुआ। साइबर ठगों के बिछाए जाल में महिला फंसी और एक लाख चालीस हजार रुपये गंवा बैठी। ठग ने खुद को सेना का कैप्टन बताया था। साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जीवन नगर निवासी अंजू ने पुलिस को बताया कि पुरानी कार बेचने वाली ऑनलाइन शापिंग साइट के विज्ञापन में उन्हें एक कार पसंद आई। उन्होंने विज्ञापन में दिए गए नंबर पर संपर्क किया। फोन उठाने वाले व्यक्ति ने अपना नाम अमरीश बताया और कहा कि वह सेना में कैप्टन हैं। उसने अपना पता मेरठ कैंट बताया। सेना के नाम से अंजू ने उस पर विश्वास कर लिया। उसने कार की रकम 1.40 लाख रुपये अमरीश द्वारा बताए गए बैंक खाते में भेज दिए।
काफी दिन बीत जाने के बाद भी जब कार नहीं पहुंची तो अंजू को शक हुआ। उन्होंने विज्ञापन में दिए गए नंबर पर कॉल किया, मगर मोबाइल नंबर बंद मिला। अंजू अपने परिजनों के साथ मेरठ में उस पते पर पहुंच गईं, जो अमरीश ने बताया था। वहां पता लगा कि कार मालिक दो साल पहले ही अपनी कार बेच चुका है।
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कार मालिक ने बताया कि उसने अपनी कार नूंह निवासी हरिओम शर्मा को बेची थी। अंजू ने हरिओम से संपर्क किया तो पता चला कि उन्होंने कार बेचने के लिए कोई विज्ञापन नहीं दिया। इसके बाद अंजू ने साइबर थाना पुलिस को शिकायत दी। प्रारंभिक जांच के बाद साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज जांच शुरू कर दी है।
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जीवन नगर निवासी अंजू ने पुलिस को बताया कि पुरानी कार बेचने वाली ऑनलाइन शापिंग साइट के विज्ञापन में उन्हें एक कार पसंद आई। उन्होंने विज्ञापन में दिए गए नंबर पर संपर्क किया। फोन उठाने वाले व्यक्ति ने अपना नाम अमरीश बताया और कहा कि वह सेना में कैप्टन हैं। उसने अपना पता मेरठ कैंट बताया। सेना के नाम से अंजू ने उस पर विश्वास कर लिया। उसने कार की रकम 1.40 लाख रुपये अमरीश द्वारा बताए गए बैंक खाते में भेज दिए।
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काफी दिन बीत जाने के बाद भी जब कार नहीं पहुंची तो अंजू को शक हुआ। उन्होंने विज्ञापन में दिए गए नंबर पर कॉल किया, मगर मोबाइल नंबर बंद मिला। अंजू अपने परिजनों के साथ मेरठ में उस पते पर पहुंच गईं, जो अमरीश ने बताया था। वहां पता लगा कि कार मालिक दो साल पहले ही अपनी कार बेच चुका है।
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कार मालिक ने बताया कि उसने अपनी कार नूंह निवासी हरिओम शर्मा को बेची थी। अंजू ने हरिओम से संपर्क किया तो पता चला कि उन्होंने कार बेचने के लिए कोई विज्ञापन नहीं दिया। इसके बाद अंजू ने साइबर थाना पुलिस को शिकायत दी। प्रारंभिक जांच के बाद साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज जांच शुरू कर दी है।