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हजरत इमाम हुसैन के जुलूस में लगे सर्वधर्म नारे
Updated Sun, 19 Nov 2017 09:18 PM IST
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हजरत इमाम हुसैन के जुलूस में लगे सर्वधर्म नारे
तंजीम उल मोमिनीन की ओर से शहर में निकाला गया जुलूस ए अजादारी
फरीदाबाद। करबला के शहीद हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की याद में तंजीम उल मोमिनीन फरीदाबाद की ओर से कौमी एकता को समर्पित मजलिस और जुलूस ए अजा का आयोजन किया।
हजरत हुसैन और हिंदुस्तान विषय पर आयोजित मजलिस को मौलाना इब्रे हसन ने खिताब किया। उन्होंने कहा कि आज इस्लाम के नाम पर अमेरिका और दूसरी ताकतों द्वारा प्रायोजित आतंकवादी गतिविधियों का भंडाफोड़ शुरू हो चुका है। इस्लाम के नाम पर स्वयंभू खलीफा आतंकवादी अल बगदादी और उसके अत्याचारियों द्वारा कब्जाए गए सीरिया, यमन, और ईराक के सभी शहरों से उनका सफाया हो गया है। आज दुनिया को जरूरत है कि मानवता विरोधी ताकतों को पहचानें और आखिरी पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्ललाहु अलैहि वसल्लम के नवासों हजरत इमाम हसन और हुसैन अलैहिस्सलाम द्वारा बताए इस्लामी सिद्धांत जियो और जीने दो पर चलते हुए पूरी दुनिया को एक परिवार की तरह जीने का हक दें। मजलिस को संबोधित करते हुए महंत कैलाशनाथ हठयोगी ने कहा कि आज पूरी दुनिया को नबी पाक के बताए मानवतावादी और भाईचारे के रास्ते पर चलने की जरूरत है। विधायक सीमा त्रिखा ने भी शहीदाने कर्बला को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि कहा विश्व को वासुधैव कुटुंबकम की परिकल्पना में एक सूत्र में बांधे जाने पर जोर दिया। मललिस के बाद जुलूस ए अजा निकाला गया। इस्लामिक झंडे और तिरंगा लहराते हुए शहीदाने कर्बला को याद करते हुए जुलूस एसी नगर से नीलम, बीके चौक एनआईटी एक से गुजरते हुए वापस वापस अजा खाने में लौटी। जुलूस में नारा ए तकबीर अल्लाहो अकबर के साथ जो बोले सो निहाल सत श्री अकाल, हर हर गंगे, जय श्री राम के भी नारे लगाए गए। इस मौके पर मोहम्मद रजा, समर जैदी, अली तनवीर, अकबर, उजेफा सैयद आजाद हसनैन जैदी सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।
तंजीम उल मोमिनीन की ओर से शहर में निकाला गया जुलूस ए अजादारी
फरीदाबाद। करबला के शहीद हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की याद में तंजीम उल मोमिनीन फरीदाबाद की ओर से कौमी एकता को समर्पित मजलिस और जुलूस ए अजा का आयोजन किया।
हजरत हुसैन और हिंदुस्तान विषय पर आयोजित मजलिस को मौलाना इब्रे हसन ने खिताब किया। उन्होंने कहा कि आज इस्लाम के नाम पर अमेरिका और दूसरी ताकतों द्वारा प्रायोजित आतंकवादी गतिविधियों का भंडाफोड़ शुरू हो चुका है। इस्लाम के नाम पर स्वयंभू खलीफा आतंकवादी अल बगदादी और उसके अत्याचारियों द्वारा कब्जाए गए सीरिया, यमन, और ईराक के सभी शहरों से उनका सफाया हो गया है। आज दुनिया को जरूरत है कि मानवता विरोधी ताकतों को पहचानें और आखिरी पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्ललाहु अलैहि वसल्लम के नवासों हजरत इमाम हसन और हुसैन अलैहिस्सलाम द्वारा बताए इस्लामी सिद्धांत जियो और जीने दो पर चलते हुए पूरी दुनिया को एक परिवार की तरह जीने का हक दें। मजलिस को संबोधित करते हुए महंत कैलाशनाथ हठयोगी ने कहा कि आज पूरी दुनिया को नबी पाक के बताए मानवतावादी और भाईचारे के रास्ते पर चलने की जरूरत है। विधायक सीमा त्रिखा ने भी शहीदाने कर्बला को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि कहा विश्व को वासुधैव कुटुंबकम की परिकल्पना में एक सूत्र में बांधे जाने पर जोर दिया। मललिस के बाद जुलूस ए अजा निकाला गया। इस्लामिक झंडे और तिरंगा लहराते हुए शहीदाने कर्बला को याद करते हुए जुलूस एसी नगर से नीलम, बीके चौक एनआईटी एक से गुजरते हुए वापस वापस अजा खाने में लौटी। जुलूस में नारा ए तकबीर अल्लाहो अकबर के साथ जो बोले सो निहाल सत श्री अकाल, हर हर गंगे, जय श्री राम के भी नारे लगाए गए। इस मौके पर मोहम्मद रजा, समर जैदी, अली तनवीर, अकबर, उजेफा सैयद आजाद हसनैन जैदी सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।
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