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दो साल से विज्ञापन एजेंसियों पर 7 करोड़ बकाया
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फरीदाबाद। शहर में विज्ञापन का कार्य देख रही निजी एजेंसियों द्वारा दो साल से नगर निगम के बकाया करीब 7 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया गया है। इसको लेकर निगम ने अंतिम नोटिस जारी किया है। इसके बाद भी यदि एजेंसियों द्वारा बकाया राशि का भुगतान नहीं किया जाता है, तो उनकी संपत्ति बेचकर पैसा वसूला जाएगा।
नगर निगम आयुक्त डॉ. गरिमा मित्तल ने बताया कि नगर निगम द्वारा ओल्ड फरीदाबाद, एनआईटी व बल्लभगढ़ जोन में तीन अलग-अलग फर्म को यूनीपोल व गैन्ट्री पर विज्ञापन के लिए ठेका आवंटित किया गया था। इसमें स्क्वायर आउटडोर सर्विस को एनआईटी फरीदाबाद जोन में, श्याम एंटरप्राइज को ओल्ड फरीदाबाद जोन में और ग्लोबल एडवरटाइजिंग इंडिया को बल्लभगढ़ जोन में यूनिपोल और जेंट्री का विकास, विपणन और रखरखाव करना था। इन फर्म द्वारा समय पर नगर निगम का करीब सात करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया। इसके लिए एजेंसी संचालकों बार-बार नोटिस जारी किए गए। लेकिन इसके बावजूद भुगतान के लिए गंभीरता नहीं दिखाई।
उन्होंने बताया कि यह समझौते की शर्तों का उल्लंघन किया गया है। ऐसे में अब तीनों फर्मों को नोटिस जारी कर 30 दिन के अंदर बकाया का भुगतान करने के आदेश जारी किए है। यदि 30 दिन के अंदर बकाया राशि का भुगतान नहीं किया जाता है तो इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एजेंसी संचालकों की संपत्ति तक जब्त की जा सकती है।
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नगर निगम आयुक्त डॉ. गरिमा मित्तल ने बताया कि नगर निगम द्वारा ओल्ड फरीदाबाद, एनआईटी व बल्लभगढ़ जोन में तीन अलग-अलग फर्म को यूनीपोल व गैन्ट्री पर विज्ञापन के लिए ठेका आवंटित किया गया था। इसमें स्क्वायर आउटडोर सर्विस को एनआईटी फरीदाबाद जोन में, श्याम एंटरप्राइज को ओल्ड फरीदाबाद जोन में और ग्लोबल एडवरटाइजिंग इंडिया को बल्लभगढ़ जोन में यूनिपोल और जेंट्री का विकास, विपणन और रखरखाव करना था। इन फर्म द्वारा समय पर नगर निगम का करीब सात करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया। इसके लिए एजेंसी संचालकों बार-बार नोटिस जारी किए गए। लेकिन इसके बावजूद भुगतान के लिए गंभीरता नहीं दिखाई।
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उन्होंने बताया कि यह समझौते की शर्तों का उल्लंघन किया गया है। ऐसे में अब तीनों फर्मों को नोटिस जारी कर 30 दिन के अंदर बकाया का भुगतान करने के आदेश जारी किए है। यदि 30 दिन के अंदर बकाया राशि का भुगतान नहीं किया जाता है तो इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एजेंसी संचालकों की संपत्ति तक जब्त की जा सकती है।
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