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कार्यक्रम के माध्यम से स्कूली बच्चों में जगाई सकारात्मक सोच
Updated Fri, 03 Aug 2018 07:24 PM IST
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‘सकारात्मक सोच सबसे बड़ा मानवीय गुण है’
फरीदाबाद। राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सराय ख्वाजा में ‘सकारात्मक सोच और अच्छे मानवीय गुण’ विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल प्राचार्या नीलम कौशिक ने की। विद्यालय के इंग्लिश प्रवक्ता और जूनियर रेडक्रॉस अधिकारी रविंदर कुमार मनचंदा ने बताया कि जीवन में सकारात्मक सोच से अच्छे परिणाम आसानी से और बिना किसी तनाव के ही संभव हो सकते हैं। ‘सकारात्मक सोच सब से बड़ा मानवीय गुण’ है। जीवन के हर पहलु को सकारात्मक सोच यानी ‘पॉजिटिव थिंकिंग’ के माध्यम से हल करना सरल तो है, मगर इसके लिए कड़े संयम की जरूरत पड़ती है।
विद्यालय के कार्यक्रम में शामिल हुईं सतयुग दर्शन ट्रस्ट की बिंदु ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि सकारात्मक होने से हमारे ज्ञान में वृद्धि होती है। इसके ठीक विपरीत नकारात्मक सोच से हमारे गुणों में गिरावट होती है। इसलिए हमें चाहिए कि हम अच्छी बातों को सदैव ग्रहण करने का प्रयत्न करें। इस अवसर उन्होंने पर चौथे इंटरनेशनल ह्यूमेनिटी ओलिंपियाड में प्रतिभागिता के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि ‘ह्यूमेनिटी ओलंपियाड डॉट ऑर्ग’ पर लॉगइन कर के अपनी डिटेल भरने के बाद दिए गए 25 बहुविकल्पीय प्रश्न हल कर के अपना पेपर ऑनलाइन सबमिट किया जा सकता है। ब्यूरो
फरीदाबाद। राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सराय ख्वाजा में ‘सकारात्मक सोच और अच्छे मानवीय गुण’ विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल प्राचार्या नीलम कौशिक ने की। विद्यालय के इंग्लिश प्रवक्ता और जूनियर रेडक्रॉस अधिकारी रविंदर कुमार मनचंदा ने बताया कि जीवन में सकारात्मक सोच से अच्छे परिणाम आसानी से और बिना किसी तनाव के ही संभव हो सकते हैं। ‘सकारात्मक सोच सब से बड़ा मानवीय गुण’ है। जीवन के हर पहलु को सकारात्मक सोच यानी ‘पॉजिटिव थिंकिंग’ के माध्यम से हल करना सरल तो है, मगर इसके लिए कड़े संयम की जरूरत पड़ती है।
विद्यालय के कार्यक्रम में शामिल हुईं सतयुग दर्शन ट्रस्ट की बिंदु ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि सकारात्मक होने से हमारे ज्ञान में वृद्धि होती है। इसके ठीक विपरीत नकारात्मक सोच से हमारे गुणों में गिरावट होती है। इसलिए हमें चाहिए कि हम अच्छी बातों को सदैव ग्रहण करने का प्रयत्न करें। इस अवसर उन्होंने पर चौथे इंटरनेशनल ह्यूमेनिटी ओलिंपियाड में प्रतिभागिता के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि ‘ह्यूमेनिटी ओलंपियाड डॉट ऑर्ग’ पर लॉगइन कर के अपनी डिटेल भरने के बाद दिए गए 25 बहुविकल्पीय प्रश्न हल कर के अपना पेपर ऑनलाइन सबमिट किया जा सकता है। ब्यूरो
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