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सिविल अस्पताल में नहीं मिल रही मामूली मर्ज की भी दवा, मरीज परेशान
Updated Thu, 02 Aug 2018 10:37 PM IST
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सिविल अस्पताल में दवाओं का अभाव, मरीज परेशान
बुखार और खांसी के लिए भी प्राइवेट मेडिकल स्टोर से दवा खरीद रहे लोग
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बीके सिविल अस्पताल में दवाओं की कमी होने लगी है। आलम यह है कि मामूली मर्ज की दवाओं का भी अस्पताल में अभाव है। बृहस्पतिवार को अस्पताल में खांसी की दवा तक नहीं मिल सकी।
सिविल अस्पताल में दवा न मिलने से परेशान मरीजों का कहना है कि बुखार खांसी के लिए भी प्राइवेट मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने को कहा जा रहा है। उधर सिविल अस्पताल प्रभारी डॉ. विरेंद्र यादव का कहना है कि वेयर हाउस में ही दवा उपलब्ध नहीं है। अस्पताल स्टॉक में खत्म हो चुकी दवाओं की मांग लगातार भेजी जा रही है। उम्मीद है कि अगले एक-दो दिन में दवाइयों का स्टॉक उन्हें मिल जाएगा।
प्रशासनिक स्तर से दवाओं की पूर्ति न होने से सिविल अस्पताल में इलाज कराना मरीजों को महंगा पड़ रहा है। खांसी की दवा न मिलने से परेशान पर्वतीया कालोनी निवासी मंजू का कहना है कि दवाएं न होने की बात लगातार एक सप्ताह से कही जा रही है। पिछले दिनों दवा उपलब्ध न होने की बात सुनकर लौटी मंजू को बृहस्पतिवार भी दवा न मिलने से निराशा हुई। मंजू के जैसे कई मरीजों की शिकायत है कि आर्थिक तंगी में वे सिविल अस्पताल आते हैं। ऐसे में आधारभूत दवाओं का अस्पताल में भी अभाव रहेगा तो वे कहां जाएंगे।
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बुखार और खांसी के लिए भी प्राइवेट मेडिकल स्टोर से दवा खरीद रहे लोग
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बीके सिविल अस्पताल में दवाओं की कमी होने लगी है। आलम यह है कि मामूली मर्ज की दवाओं का भी अस्पताल में अभाव है। बृहस्पतिवार को अस्पताल में खांसी की दवा तक नहीं मिल सकी।
सिविल अस्पताल में दवा न मिलने से परेशान मरीजों का कहना है कि बुखार खांसी के लिए भी प्राइवेट मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने को कहा जा रहा है। उधर सिविल अस्पताल प्रभारी डॉ. विरेंद्र यादव का कहना है कि वेयर हाउस में ही दवा उपलब्ध नहीं है। अस्पताल स्टॉक में खत्म हो चुकी दवाओं की मांग लगातार भेजी जा रही है। उम्मीद है कि अगले एक-दो दिन में दवाइयों का स्टॉक उन्हें मिल जाएगा।
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प्रशासनिक स्तर से दवाओं की पूर्ति न होने से सिविल अस्पताल में इलाज कराना मरीजों को महंगा पड़ रहा है। खांसी की दवा न मिलने से परेशान पर्वतीया कालोनी निवासी मंजू का कहना है कि दवाएं न होने की बात लगातार एक सप्ताह से कही जा रही है। पिछले दिनों दवा उपलब्ध न होने की बात सुनकर लौटी मंजू को बृहस्पतिवार भी दवा न मिलने से निराशा हुई। मंजू के जैसे कई मरीजों की शिकायत है कि आर्थिक तंगी में वे सिविल अस्पताल आते हैं। ऐसे में आधारभूत दवाओं का अस्पताल में भी अभाव रहेगा तो वे कहां जाएंगे।
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