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दिन में आठ बार लगाया जाता है बिहारी जी को भोग
Updated Thu, 22 Mar 2018 06:07 PM IST
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दिन में आठ बार लगाया जाता है बिहारी जी को भोग
फरीदाबाद। एसी नगर के एनएचआरएम डिस्पेंसरी पार्क में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथा व्यास शंभूदयाल त्यागी ने गोवर्धन पूजा और भगवान कृष्ण को छप्पन भोग लगाने के महत्व को समझाया।
कथा व्यास ने कहा कि जब भगवान इंद्र ने क्रोध में वर्षा करके कहर बरपाया था, तब चारों और हाहाकार मच गया था। गांव के गांव जलमग्र होने लगे तभी भगवान श्रीकृष्ण ने गोर्वधन पर्वत को उंगली पर उठा लिया। इससे सभी गांव के लोगों ने गोवर्धन पर्वत के नीचे शरण ली। भगवान श्रीकृष्ण ने गिर्राज पूजा कराई थी, तब सभी बृजवासियों ने गोर्वधन पहुंचकर गिर्राज पूजन किया और 56 भोग लगाया। उन्होंने कहा कि आज भी वृंदावन में बांके बिहारी जी को दिन में आठ बार भोग लगाया जाता है। क्योकि पूरे सात दिन भगवान श्रीकृष्ण ने भूखे प्यासे गोवर्धन पर्वत को उठाए रखा था। इस अवसर पर पवन कुमार मावी, माया देवी, नीरज कुमार मावी, संदीप मावी, दीपक, सुशांत, रामेश्वर सोवी, देवराज, रामलाल मोर्या, छगन लाल सोनी आदि उपस्थित थे। ब्यूरो
फरीदाबाद। एसी नगर के एनएचआरएम डिस्पेंसरी पार्क में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथा व्यास शंभूदयाल त्यागी ने गोवर्धन पूजा और भगवान कृष्ण को छप्पन भोग लगाने के महत्व को समझाया।
कथा व्यास ने कहा कि जब भगवान इंद्र ने क्रोध में वर्षा करके कहर बरपाया था, तब चारों और हाहाकार मच गया था। गांव के गांव जलमग्र होने लगे तभी भगवान श्रीकृष्ण ने गोर्वधन पर्वत को उंगली पर उठा लिया। इससे सभी गांव के लोगों ने गोवर्धन पर्वत के नीचे शरण ली। भगवान श्रीकृष्ण ने गिर्राज पूजा कराई थी, तब सभी बृजवासियों ने गोर्वधन पहुंचकर गिर्राज पूजन किया और 56 भोग लगाया। उन्होंने कहा कि आज भी वृंदावन में बांके बिहारी जी को दिन में आठ बार भोग लगाया जाता है। क्योकि पूरे सात दिन भगवान श्रीकृष्ण ने भूखे प्यासे गोवर्धन पर्वत को उठाए रखा था। इस अवसर पर पवन कुमार मावी, माया देवी, नीरज कुमार मावी, संदीप मावी, दीपक, सुशांत, रामेश्वर सोवी, देवराज, रामलाल मोर्या, छगन लाल सोनी आदि उपस्थित थे। ब्यूरो
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