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नगर पालिका कर्मचारियों ने जुलूस निकाल जताया विरोध
Updated Wed, 25 Jul 2018 10:37 PM IST
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नगर निगम कर्मचारियों का धरना जारी, जुलूस निकाला
सरकार के साथ हुए समझौते को लागू करवाने की मांग पर अड़े
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। ठेकेदारी प्रथा बंद करने, कर्मचारी कल्याण की योजनाएं लागू करने संबंधित 24 मई को हुए सरकार से समझौते को लागू कराने के लिए नगर निगम कर्मचारियों का धरना आठवें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने भोजनावकाश के बाद निगम मुख्यालय से बीके चौक, नीलम चौक होते हुए निगम आयुक्त कार्यालय तक जुलूस निकाला और कार्यालय का घेराव किया।
प्रदर्शन की अध्यक्षता कर रहे नगर निगम यूनियन के प्रधान बलवीर सिंह बालगुहेर ने कहा कि सरकार ने 24 मई को कर्मचारी संघ से समझौता किया था कि प्रदेश में सभी नगरपालिका, परिषदों व नगर निगमों में सफाई के काम में ठेकेदारी प्रथा पूर्ण तरीके से बंद होगी। सरकार ने घोषणा की थी कि नगर निगम सफाई कर्मचारियों की जरूरत होगी तो सरकार वहां स्थायी नियुक्ति करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम आयुक्त और चीफ इंजीनियर ने जानबूझकर वार्ड नंबर-6, 7 और 8 में सफाई का काम आउटसोर्स किया। ठेका प्रथा बढ़ाने की अधिकारियों की कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कर्मचारी नेता गुरचरण खांडिया ने 542 कर्मचारियों के सेंक्शन देने, 40 बिल वितरकों की नौकरी बहाली, निगम से सेवानिवृत्त हुए 90 कर्मचारियों को लीव-एनकैशमेंट, ग्रेच्युटी और पेंशन देने की मांग की। प्रदर्शन कर्मचारी नेता श्रीनंद ढकोलिया, प्रेमपाल, जितेंद्र छाबड़ा, रघुबीर चौटाला, नरेश भगवाना, वीरेंद्र, जयसिंह, बल्लू चिंडालिया, सुखबीर मौर्या, ललित कुमार, महेंद्र कुंडिया, माया, कमलेश, शकुंतला और इंदिरा आदि मौजूद रहे।
ऐहतेशाम
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सरकार के साथ हुए समझौते को लागू करवाने की मांग पर अड़े
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। ठेकेदारी प्रथा बंद करने, कर्मचारी कल्याण की योजनाएं लागू करने संबंधित 24 मई को हुए सरकार से समझौते को लागू कराने के लिए नगर निगम कर्मचारियों का धरना आठवें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने भोजनावकाश के बाद निगम मुख्यालय से बीके चौक, नीलम चौक होते हुए निगम आयुक्त कार्यालय तक जुलूस निकाला और कार्यालय का घेराव किया।
प्रदर्शन की अध्यक्षता कर रहे नगर निगम यूनियन के प्रधान बलवीर सिंह बालगुहेर ने कहा कि सरकार ने 24 मई को कर्मचारी संघ से समझौता किया था कि प्रदेश में सभी नगरपालिका, परिषदों व नगर निगमों में सफाई के काम में ठेकेदारी प्रथा पूर्ण तरीके से बंद होगी। सरकार ने घोषणा की थी कि नगर निगम सफाई कर्मचारियों की जरूरत होगी तो सरकार वहां स्थायी नियुक्ति करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम आयुक्त और चीफ इंजीनियर ने जानबूझकर वार्ड नंबर-6, 7 और 8 में सफाई का काम आउटसोर्स किया। ठेका प्रथा बढ़ाने की अधिकारियों की कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कर्मचारी नेता गुरचरण खांडिया ने 542 कर्मचारियों के सेंक्शन देने, 40 बिल वितरकों की नौकरी बहाली, निगम से सेवानिवृत्त हुए 90 कर्मचारियों को लीव-एनकैशमेंट, ग्रेच्युटी और पेंशन देने की मांग की। प्रदर्शन कर्मचारी नेता श्रीनंद ढकोलिया, प्रेमपाल, जितेंद्र छाबड़ा, रघुबीर चौटाला, नरेश भगवाना, वीरेंद्र, जयसिंह, बल्लू चिंडालिया, सुखबीर मौर्या, ललित कुमार, महेंद्र कुंडिया, माया, कमलेश, शकुंतला और इंदिरा आदि मौजूद रहे।
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