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विश्व के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में शामिल फरीदाबाद की हवाएं
Updated Sun, 21 Oct 2018 06:20 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : amar ujala
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विश्व के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में शामिल औद्योगिक नगरी की हवाएं रविवार को और भी बदतर हो गई। सांस की बीमारी का प्रमुख कारक माने जाने वाले पर्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 की मात्रा यहां की वायु में सामान्य से साढ़े पांच गुना से भी ज्यादा दर्ज की गई। हालांकि, दोपहर बाद इसके स्तर में 29 अंकों की कर्मी आई फिर भी शनिवार के मुकाबले यह शहर की हवा में ज्यादा घुला हुआ था।
औद्योगिक नगरी की हवा में पीएम 2.5 की मात्रा सुबह नौ बजे 339 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गई। शनिवार को इसकी अधिकतम मात्रा 332 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर ही दर्ज की गई थी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पूर्व अधिकारी पीकेएमके दास के अनुसार, दिल्ली एनसीआर में रावण और पराली जलाने का असर दिखने लगा है।
जमीन के करीब हवा की गति काफी कम होने के कारण पराली और आतिशबाजी जलाने से उठा धुआं वायुमंडल में फैल नहीं पा रहा, इसका कंसंट्रेशन (सांद्रण) बढ़ रहा है। उनके मुताबिक यदि हवाएं नहीं चलीं तो पीएम 2.5 की मात्रा वायु में और बढ़ सकती है। हालांकि, वह फरीदाबाद में पीएम 2.5 की मात्रा बढ़ने का कारण दिल्ली के प्रदूषण को मानते हैं। वह कहते हैं कि दिल्ली का वायु प्रदूषण फैलता हुआ सबसे पहले फरीदाबाद को प्रभावित करता है।
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सामान्य मात्रा 60 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर होनी चाहिए
हवा में घुले अति सूक्ष्म ठोस कण पीएम 2.5 की सामान्य मात्रा 60 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर होनी चाहिए। रविवार की सुबह पीएम 2.5 की मात्रा 339 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर दर्ज की गई। दास के अनुसार इतनी मात्रा में सांस के रोगियों को गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है जबकि सामान्य व्यक्ति भी ज्यादा देर तक ऐसे माहौल में रहने पर सांस लेने में दिक्कत महसूस कर सकता है। सिर दर्द, थकान, आंखों में भारीपन आदि समस्याएं हो सकती हैं।
अस्पताल में मरीज भी बढ़ गए
फरीदाबाद। वातावरण में हवा के साथ घुल रहे प्रदूषण के कण अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ा चुके हैं। बीके सिविल अस्पताल में सांस की बीमारी वाले मरीजों का साधारण ग्राफ 20 फीसदी बढ़ चुका है। सरकारी अस्पताल के डॉ. मोहित अग्रवाल का कहना है कि एनसीआर का प्रदूषण स्तर अमूमन ज्यादा ही रहता है। इससे श्वास और एलर्जी के मरीजों की संख्या सामान्य से ज्यादा होती है। हालांकि, पिछले पांच दिनों में अस्पताल में आ रहे मरीजों में दिख रहे लक्षण और मरीजों की संख्या पर उन्होंने चिंता जाहिर की है। उनका मानना है कि मरीजों की संख्या करीब 20 फीसदी बढ़ गई है। उन्हेें फिक्र है कि दशहरे के बाद सोमवार को अस्पताल खुलने पर मरीजों की ये तादाद बढ़ सकती है।
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औद्योगिक नगरी की हवा में पीएम 2.5 की मात्रा सुबह नौ बजे 339 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गई। शनिवार को इसकी अधिकतम मात्रा 332 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर ही दर्ज की गई थी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पूर्व अधिकारी पीकेएमके दास के अनुसार, दिल्ली एनसीआर में रावण और पराली जलाने का असर दिखने लगा है।
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जमीन के करीब हवा की गति काफी कम होने के कारण पराली और आतिशबाजी जलाने से उठा धुआं वायुमंडल में फैल नहीं पा रहा, इसका कंसंट्रेशन (सांद्रण) बढ़ रहा है। उनके मुताबिक यदि हवाएं नहीं चलीं तो पीएम 2.5 की मात्रा वायु में और बढ़ सकती है। हालांकि, वह फरीदाबाद में पीएम 2.5 की मात्रा बढ़ने का कारण दिल्ली के प्रदूषण को मानते हैं। वह कहते हैं कि दिल्ली का वायु प्रदूषण फैलता हुआ सबसे पहले फरीदाबाद को प्रभावित करता है।
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सामान्य मात्रा 60 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर होनी चाहिए
हवा में घुले अति सूक्ष्म ठोस कण पीएम 2.5 की सामान्य मात्रा 60 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर होनी चाहिए। रविवार की सुबह पीएम 2.5 की मात्रा 339 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर दर्ज की गई। दास के अनुसार इतनी मात्रा में सांस के रोगियों को गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है जबकि सामान्य व्यक्ति भी ज्यादा देर तक ऐसे माहौल में रहने पर सांस लेने में दिक्कत महसूस कर सकता है। सिर दर्द, थकान, आंखों में भारीपन आदि समस्याएं हो सकती हैं।
अस्पताल में मरीज भी बढ़ गए
फरीदाबाद। वातावरण में हवा के साथ घुल रहे प्रदूषण के कण अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ा चुके हैं। बीके सिविल अस्पताल में सांस की बीमारी वाले मरीजों का साधारण ग्राफ 20 फीसदी बढ़ चुका है। सरकारी अस्पताल के डॉ. मोहित अग्रवाल का कहना है कि एनसीआर का प्रदूषण स्तर अमूमन ज्यादा ही रहता है। इससे श्वास और एलर्जी के मरीजों की संख्या सामान्य से ज्यादा होती है। हालांकि, पिछले पांच दिनों में अस्पताल में आ रहे मरीजों में दिख रहे लक्षण और मरीजों की संख्या पर उन्होंने चिंता जाहिर की है। उनका मानना है कि मरीजों की संख्या करीब 20 फीसदी बढ़ गई है। उन्हेें फिक्र है कि दशहरे के बाद सोमवार को अस्पताल खुलने पर मरीजों की ये तादाद बढ़ सकती है।