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लापरवाही: मौत हुई पुरुष की, थमा दिया महिला का शव, अंतिम संस्कार के दौरान उड़े परिजनों के होश
Mon, 20 Jul 2020 07:51 AM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला ब्यूरो, फरीदाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, फरीदाबाद
Published by: प्राची प्रियम
Updated Mon, 20 Jul 2020 07:51 AM IST
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श्मशान घाट पर शव को उतारते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
फरीदाबाद के एशियन अस्पताल की एक बड़ी लापरवाही रविवार सुबह सामने आई। अस्पताल के कर्मचारियों ने एक परिवार को पुरुष के बदले महिला का शव सौंप दिया। श्मशान पहुंचकर जब परिजनों ने अंतिम संस्कार की रस्म शुरू की तो शव को देखकर हंगामा शुरू कर दिया।
उधर, अस्पताल से महिला का शव गायब होने पर महिला के परिजनों ने अस्पताल परिसर में ही हंगामा कर दिया। बाद में पुलिस की मौजूदगी में दोनों परिजनों को उनके शव सौंपे गए। इसके बाद ही मामला शांत हुआ।
तिलपत गांव में किराए पर रहने वाले राजकिशोर कैंसर से पीड़ित थे। शनिवार शाम को उनकी मौत हो गई। वह मूलरूप से यूपी के गोंडा के रहने वाले थे। उनके परिजनों को अस्पताल ने गलती से एनआईटी पांच की रहने वाली कैंसर पीड़ित महिला ऊषा का शव सौंप दिया।
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राजकिशोर के परिजन सराय ख्वाजा स्थित श्मशान घाट पर उनके शव का अंतिम संस्कार करने पहुंचे तो देखा कि राजकिशोर के स्थान पर अस्पताल ने उन्हें किसी महिला का शव थमा दिया है।
इसपर परिजनों ने अस्पताल में फोन किया और हंगामा करना शुरू कर दिया। श्मशान घाट में हंगामे की खबर पर पुलिस मौके पर पहुंची। पूरा मामला जानने के बाद थानाध्यक्ष ने तत्काल एशियन अस्पताल प्रबंधन से बात की।
वहां पता चला कि ऊषा का शव अस्पताल से गायब होने की खबर पर उनके परिजनों ने अस्पताल परिसर में ही हंगामा किया। पुलिस से जानकारी मिलने के बाद अस्पताल प्रबंधन को अपने कर्मचारियों की गलती का पता चला।
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उधर, अस्पताल से महिला का शव गायब होने पर महिला के परिजनों ने अस्पताल परिसर में ही हंगामा कर दिया। बाद में पुलिस की मौजूदगी में दोनों परिजनों को उनके शव सौंपे गए। इसके बाद ही मामला शांत हुआ।
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तिलपत गांव में किराए पर रहने वाले राजकिशोर कैंसर से पीड़ित थे। शनिवार शाम को उनकी मौत हो गई। वह मूलरूप से यूपी के गोंडा के रहने वाले थे। उनके परिजनों को अस्पताल ने गलती से एनआईटी पांच की रहने वाली कैंसर पीड़ित महिला ऊषा का शव सौंप दिया।
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राजकिशोर के परिजन सराय ख्वाजा स्थित श्मशान घाट पर उनके शव का अंतिम संस्कार करने पहुंचे तो देखा कि राजकिशोर के स्थान पर अस्पताल ने उन्हें किसी महिला का शव थमा दिया है।
इसपर परिजनों ने अस्पताल में फोन किया और हंगामा करना शुरू कर दिया। श्मशान घाट में हंगामे की खबर पर पुलिस मौके पर पहुंची। पूरा मामला जानने के बाद थानाध्यक्ष ने तत्काल एशियन अस्पताल प्रबंधन से बात की।
वहां पता चला कि ऊषा का शव अस्पताल से गायब होने की खबर पर उनके परिजनों ने अस्पताल परिसर में ही हंगामा किया। पुलिस से जानकारी मिलने के बाद अस्पताल प्रबंधन को अपने कर्मचारियों की गलती का पता चला।
बाद में पुलिस की मौजूदगी में ही राजकिशोर का शव उसके परिजनों को और ऊषा का शव उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया। सराय ख्वाजा थाना प्रभारी नरेश कुमार ने बताया कि अस्पताल कर्मचारियों की गलती की वजह से शव बदल गए थे।
समय रहते इस गलती के बारे में पता चलने पर दोनों पक्षों को उनके परिजन का शव दे दिया गया। मामले में अभी तक किसी भी पक्ष ने लिखित शिकायत नहीं दी है। कोई लिखित शिकायत देता है तो पुलिस मामला दर्ज कर कार्रवाई करेगी।
एशियन अस्पताल की सहायक चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गीतिका विरदी ने बताया कि सुबह बारिश के कारण मृतक के परिजन जल्दी शव का अंतिम संस्कार करना चाह रहे थे। शव पर नाम लिखा हुआ था। शवगृह कर्मचारी से गलती हुई है। उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
समय रहते इस गलती के बारे में पता चलने पर दोनों पक्षों को उनके परिजन का शव दे दिया गया। मामले में अभी तक किसी भी पक्ष ने लिखित शिकायत नहीं दी है। कोई लिखित शिकायत देता है तो पुलिस मामला दर्ज कर कार्रवाई करेगी।
एशियन अस्पताल की सहायक चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गीतिका विरदी ने बताया कि सुबह बारिश के कारण मृतक के परिजन जल्दी शव का अंतिम संस्कार करना चाह रहे थे। शव पर नाम लिखा हुआ था। शवगृह कर्मचारी से गलती हुई है। उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।