छत पर मोबाइल टावर लगवाने का झांसा देकर ठगने वाले गिरफ्तार, आरोपियों में दो राष्ट्रीय स्तर के एथलीट
- समाचार पत्रों में विज्ञापन देकर लोगों के साथ करते थे ठगी
- पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर भेजा जेल
विस्तार
फरीदाबाद में रिलायंस जियो कंपनी का मोबाइल टॉवर लगवाने का झांसा देकर लोगों को ठगने वाले गिरोह को साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी अखबारों में विज्ञापन देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे।
पुलिस ने आरोपियों के पास से लैपटॉप, नौ मोबाइल फोन, 28 हजार रुपये व विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस ने मंगलवार को सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुलिस प्रवक्ता सहायक पुलिस आयुक्त आदर्शदीप सिंह ने मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि सेक्टर-3 निवासी दरबारी लाल ने 14 अक्तूबर को साइबर थाने में मामला दर्ज करवाया था कि उनके मकान की छत पर रिलायंस जियो का मोबाइल टॉवर लगवाने के नाम पर उनसे 30 हजार 800 रुपये ठग लिए गए हैं।
आरोपी कभी उनसे जीएसटी तो कभी टेलीकॉम मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र के नाम पर रुपये मांगते रहे। शक होने पर उन्होंने पुलिस में शिकायत की, जिस पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। साइबर थाना पुलिस ने इस मामले की जांच करते हुए 15 अक्तूबर को बल्लभगढ़ के नत्थुपुर में किराए पर रह रहे मॉडल टाउन, हिसार निवासी तरुण, दीपक, गांव रामलवास, दादरी निवासी नवीन, दिल्ली निवासी आशीष, हरिद्वार (उत्तराखंड) निवासी विनीत उर्फ राजू व अमित को गिरफ्तार किया। पुलिस ने सभी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की। मंगलवार को रिमांड समाप्त होने पर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
हर महीने 80 हजार देने की बात कहते
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी अखबारों में विज्ञापन देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। लोगों को फंसाने के लिए टॉवर लगवाने के नाम पर एडवांस के तौर पर 90 लाख रुपये और प्रतिमाह 80 हजार रुपये का किराया दिलवाने और परिवार के दो सदस्यों को नौकरी दिलवाने की बात लिखवाते थे।
विज्ञापन पढ़कर लोगों इनसे संपर्क कर अपने प्लॉट या घर की छत पर टॉवर लगवाने के लिए राजी हो जाते थे। उसके बाद शुरू होता था इनका खेल। अपने जाल में फंसे शिकार से पैसे ऐंठने के लिए ये लोग कभी टेलीकॉम मंत्रालय से एनओसी तो कभी जीएसटी के नाम पर तब तक लोगों से पैसे ऐंठते थे, जब तक उन्हें ठगी का अहसास नहीं हो जाता था।
गिरफ्तार आरोपियों में दो राष्ट्रीय स्तर के एथलीट
साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक बसंत कुमार ने बताया कि आरोपियों में दो राष्ट्रीय स्तर के एथलीट रह चुके हैं। गिरफ्तार आरोपी विनीत और अमित लंबी कूद में राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके हैं। दोनों जल्दी पैसा कमाने के चक्कर में धोखाधड़ी करने लगे। इनका संपर्क तरुण से था। तरुण ही पूरे गिरोह का मास्टरमांइड है। उसने नवीन, दीपक और आशीष को 25-25 हजार रुपये वेतन पर रखा हुआ था।
तरुण ने नाथुपुर, गुरुग्राम में काल सेंटर खोला रखा था और नवीन, दीपक और आशीष उसके साथ ही किराए पर कमरा लेकर रहते थे, जबकि विनीत और अमित इन्हें कॉलिंग के लिए मोबाइल सिम कार्ड व धोखाधड़ी के के पैसे डलवाने के लिए खाता नंबर उपलब्ध कराते थे। पुलिस पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने कितने लोगों को इस तरह ठगा है।