हादसे के बाद भी नहीं सुधरे पटाखा बाजार
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फरीदाबाद के एनआईटी दशहरा ग्राउंड के पटाखा मार्केट में भीषण आग हादसे के बाद भी प्रशासन ने सबक नहीं लिया। खानापूर्ति करने के लिए सिर्फ पटाखा बाजारों में फायर ब्रिगेड खड़ी कर दी गई। वाहन पार्किंग की व्यवस्था दूर की गई। एसडीएम ने निरीक्षण किया। जबकि स्थायी बाजारों में हालत जस की तस रही।
ओल्ड फरीदाबाद, सराय ख्वाजा, बल्लभगढ़ एवं एक नंबर में स्थिति खराब रही। उनमें फायर ब्रिगेड जाने लायक जगह नहीं थी। ओल्ड फरीदाबाद में तो संकरी गलियों में भी अतिक्रमण कर बाजार लग रहा है।
प्रदेश की सबसे बड़ी औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में तो ऐसी घटनाओं के लिए आम लोगों से लेकर सरकार तक ने इंतजाम कर रखा है। लोगों ने अतिक्रमण करके गलियों में फायर ब्रिगेड जाने लायक जगह नहीं छोड़ी है। जबकि यह औद्योगिक शहर है जहां हर गली में वर्कशॉप हैं। कैमिकल फैक्ट्रियां हैं।
शहर की 60 फीसदी से अधिक लोग संकरी गलियों वाली कालोनियों में ही बसते हैं। इनमें भी बहुमंजिला मकान बने हुए हैं। किसी भी बहुमंजिला इमारत में आग बुझाने के लिए काम आने वाली टर्नटेबल लेडर और हाईड्रोलिक प्रेशर युक्त एक भी गाड़ी पूरे अग्निशमन विभाग में नहीं है।
निष्पक्ष जांच करने की मांग
फरीदाबाद के पूर्व राजस्व मंत्री महेंद्र प्रताप सिंह के बेटे विजय प्रताप सिंह ने मंगलवार को दशहरा मैदान में अग्निकांड की भेंट चढ़े पीड़ित दुकानदारों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर घोर लापरवाही हुई है और नियमों की अनदेखी की गई है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
डीएम ने किया पटाखा बाजार का निरीक्षण
ग्रेटर नोएडा के जिलाधिकारी चंद्रकांत ने बुधवार सुबह 10 बजे ग्रेटर नोएडा में ऐच्छर गांव के पास रामलीला मैदान में आतिशबाजी बाजार का निरीक्षण किया। कुछ दुकानदारों के द्वारा बिना अनुमति के आतिशबाजी बेचने पर डीएम ने उपजिलाधिकारी सदर बच्चू सिंह को उनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
उसके बाद जिलाधिकारी ने जगत फार्म में भी जायजा लिया। डीएम ने नोएडा के सेक्टर-37 और भंगेल आतिशबाजी बाजार का भी जायजा लिया। सिटी मजिस्ट्रेट कामता प्रसाद ने कहा कि फायर विभाग ने दोनों ही स्थानों पर पर्याप्त व्यवस्था की है।