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मेला देखने को जेब करनी होगी ढीली: 25 फीसदी महंगी हुई मेले की टिकट
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Wed, 25 Jan 2017 12:05 AM IST
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नोटबंदी का असर इस बार सूरजकुंड मेले पर भी देखने को मिलेगा। पिछली बार की तुलना में मेले की टिकट 25 फीसदी महंगी होगी। विद्यार्थियों को ग्रुप में जाने पर मेले में फ्री एंट्री मिलेगी। इस बार भी महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए स्कूल, कॉलेज की छात्राओं को टिकट खरीदने की जरूरत नहीं होगी।
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इसके लिए उन्हें अपने पास आईकार्ड रखना होगा। पिछले वर्ष मेले की टिकट सोमवार से शुक्रवार तक 80 रुपये थी, लेकिन इस बार वर्किंग डेज में टिकट की कीमत 100 रुपये निर्धारित की गई है। शनिवार और रविवार को 120 रुपये टिकट की कीमत थी जो इस बार बढ़ाकर 150 रुपये कर दी गई है।
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टिकट की दरें बढ़ाने के पीछे वजह नोटबंदी के बाद छुट्टे की किल्लत को बताया जा रहा है, इसलिए इस बार टिकट की दरें राउंड फिगर में तय की गई हैं। बता दें कि सूरजकुंड में लगने वाले हस्तशिल्प मेले को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का दर्जा मिलने के बाद सबसे पहले दरें बढ़ाई गई थीं।
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उस समय टिकट की कीमत 50 रुपये से बढ़ाकर सीधे 70 रुपये की गई थी। इस बार स्कूली विद्यार्थियों के अलावा वरिष्ठ नागरिकों और स्वतंत्रता सेनानियों को भी मेले में फ्री एंट्री दी जाएगी। स्कूली विद्यार्थियों को आईकार्ड के साथ वर्दी में प्रवेश मिलेगा।
ऑनलाइन टिकट बुक माई शो पर
कैशलेस को बढ़ावा देने के लिए इस बार ऑनलाइन टिकट की सुविधा मिलेगी, लेकिन बुक माई शो के जरिए ही इस सुविधा का लाभ उठाया जा सकेगा। ऑनलाइन टिकट बुकिंग पर किसी तरह की रियायत का प्रावधान नहीं किया गया है। पहले हरियाणा ट्यूरिज्म की वेबसाइट पर भी ऑनलाइन टिकट का विकल्प था लेकिन इस बार यह विकल्प नहीं मिलेगा।
कैशलेस होगी खरीदारी
नोटबंदी के बाद कैश की किल्लत को ध्यान में रख डिजिटल ट्रांजेक्शन पर जोर दिया गया है। इसके लिए बाकायदा देना बैंक के साथ करार कर मेले में स्टॉल लगाने वाले हस्तशिल्पियों के खाते खुलवाए गए हैं। उन्हें स्वाइप मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी।
न पार्किंग न स्टॉल की होगी कमी
इस बार मेला देखने के लिए आने वाले पर्यटकों को पार्किंग की किल्लत का सामना नहीं करना होगा। अरावली की वादियों में सूरजकुंड से सटी 18 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जों को हटा दिया गया है।
इस जमीन के कुछ हिस्से को पार्किंग के लिए इस्तेमाल किया जाएगा, जबकि कुछ हिस्से में स्टॉल बढ़ाई जाएंगी। पिछले वर्ष 870 स्टॉल लगाई गई थीं, लेकिन इस बार 1010 स्टॉल होंगी।