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सड़क हादसे में हुई थी मौत, लेकिन जाते-जाते इस युवक ने चार लोगों को दिया नया जीवन
ब्यूरो/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Fri, 28 Jul 2017 01:04 AM IST
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सड़क हादसे में 25 साल के बेटे को खोने के बाद भी एक परिवार ने साहस दिखाते हुए उसके अंगदान किए। इससे चार लोगों को नया जीवन मिला है। हार्ट फेल होने से अंतिम सांसें ले रहे 24 साल के युवक को जहां दिल मिला, वहीं 56 साल के व्यक्ति को किडनी मिली। पीड़ित परिवार ने चार परिवारों को खुशियां दी है।
हार्ट ट्रांसप्लांट कराने में सबसे अहम भूमिका निभाई दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने। पुलिस ने पीक आवर्स में 14 किलोमीटर के रास्ते पर ग्रीन कॉरीडोर बनाकर 18 मिनट 5 सेकेंड में हार्ट को फोर्टिस (वसंत कुंज) से ओखला एस्कॉर्ट्स तक पहुंचाया। डॉक्टर समय पर मरीज के शरीर में हार्ट ट्रांसप्लांट करने में सफल रहे। इससे 24 साल के युवक को नई जिंदगी मिली। ट्रैफिक पुलिस ने वसंत कुंज से आईआईटी फ्लाईओवर, नेहरू प्लेस वाया मोदी मिल होते हुए ओखला तक हार्ट को ग्रीन कॉरीडोर बनाकर पहुंचाया।
बताते चलें कि फोर्टिस में 24 जुलाई को सड़क हादसे में घायल हुए युवक को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था। युवक की हालत बिगड़ती चली गई और वह ब्रेन डेड हो गया। अस्पताल की टीम ने अंगदान के लिए पीड़ित परिवार की काउंसलिंग की, जिसके बाद युवक के पिता ने अंगदान करने का फैसला किया।
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इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने मरीज के ब्रेन डेड की दो बार जांच की। दोनों बार एक जैसी रिपोर्ट आने के बाद नेशनल ऑर्गन एंड टिशू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन को अंगदान की सूचना दी गई। ऑर्गेनाइजेशन ने तुरंत फोर्टिस एस्कॉर्ट्स में भर्ती 24 साल के युवक को दिल देने को कहा, जिससे युवक को नई जिंदगी मिल गई।
वहीं, एक किडनी वसंत कुंज में 56 साल के व्यक्ति को दी गई, जोकि बीते तीन साल से डायलिसिस पर था। दूसरी किडनी बीएलके हॉस्पिटल और लीवर गंगाराम अस्पताल को दिया गया। चारों सेंटरों ने चारों अंगों का ट्रांसप्लांट कर दिया है, अंगों का ट्रांसप्लांट करने के बाद मरीजों की हालत स्थिर है।
दिल का ट्रांसप्लांट करने वाले सर्जन डॉ. जेड एस मेहरवाल ने बताया कि 24 साल के मरीज की हालत खराब थी। उसके दिल की मांसपेशी (मशल्स) ठीक से काम नहीं कर रही थी, जिससे दिल कमजोर हो गया था। वह हार्ट फेल की स्थिति से गुजर रहा था। अब नया दिल ट्रांसप्लांट होने के बाद उसे नया जीवन मिला है।
इस बारे में फोर्टिस के कार्डियोलॉजिस्ट डिपार्टमेंट के चेयरमैन डॉ. अशोक सेठ ने बताया कि यह एक ऐसा फैसला है जिससे मौत की ओर बढ़ रहे कुछ लोगों को एक नई जिंदगी दे जाता है। परिवार ने बहुत हिम्मत दिखाई। खुद मृत युवक के पिता कैंसर जैसी बीमारी से पीड़ित हैं।
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हार्ट ट्रांसप्लांट कराने में सबसे अहम भूमिका निभाई दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने। पुलिस ने पीक आवर्स में 14 किलोमीटर के रास्ते पर ग्रीन कॉरीडोर बनाकर 18 मिनट 5 सेकेंड में हार्ट को फोर्टिस (वसंत कुंज) से ओखला एस्कॉर्ट्स तक पहुंचाया। डॉक्टर समय पर मरीज के शरीर में हार्ट ट्रांसप्लांट करने में सफल रहे। इससे 24 साल के युवक को नई जिंदगी मिली। ट्रैफिक पुलिस ने वसंत कुंज से आईआईटी फ्लाईओवर, नेहरू प्लेस वाया मोदी मिल होते हुए ओखला तक हार्ट को ग्रीन कॉरीडोर बनाकर पहुंचाया।
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बताते चलें कि फोर्टिस में 24 जुलाई को सड़क हादसे में घायल हुए युवक को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था। युवक की हालत बिगड़ती चली गई और वह ब्रेन डेड हो गया। अस्पताल की टीम ने अंगदान के लिए पीड़ित परिवार की काउंसलिंग की, जिसके बाद युवक के पिता ने अंगदान करने का फैसला किया।
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इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने मरीज के ब्रेन डेड की दो बार जांच की। दोनों बार एक जैसी रिपोर्ट आने के बाद नेशनल ऑर्गन एंड टिशू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन को अंगदान की सूचना दी गई। ऑर्गेनाइजेशन ने तुरंत फोर्टिस एस्कॉर्ट्स में भर्ती 24 साल के युवक को दिल देने को कहा, जिससे युवक को नई जिंदगी मिल गई।
वहीं, एक किडनी वसंत कुंज में 56 साल के व्यक्ति को दी गई, जोकि बीते तीन साल से डायलिसिस पर था। दूसरी किडनी बीएलके हॉस्पिटल और लीवर गंगाराम अस्पताल को दिया गया। चारों सेंटरों ने चारों अंगों का ट्रांसप्लांट कर दिया है, अंगों का ट्रांसप्लांट करने के बाद मरीजों की हालत स्थिर है।
दिल का ट्रांसप्लांट करने वाले सर्जन डॉ. जेड एस मेहरवाल ने बताया कि 24 साल के मरीज की हालत खराब थी। उसके दिल की मांसपेशी (मशल्स) ठीक से काम नहीं कर रही थी, जिससे दिल कमजोर हो गया था। वह हार्ट फेल की स्थिति से गुजर रहा था। अब नया दिल ट्रांसप्लांट होने के बाद उसे नया जीवन मिला है।
इस बारे में फोर्टिस के कार्डियोलॉजिस्ट डिपार्टमेंट के चेयरमैन डॉ. अशोक सेठ ने बताया कि यह एक ऐसा फैसला है जिससे मौत की ओर बढ़ रहे कुछ लोगों को एक नई जिंदगी दे जाता है। परिवार ने बहुत हिम्मत दिखाई। खुद मृत युवक के पिता कैंसर जैसी बीमारी से पीड़ित हैं।