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फैमिली के नाम से निगमकर्मियों की भी एजेंसी
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sun, 04 May 2014 02:21 PM IST
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नगर निगम में चल रहे विज्ञापन के खेल में अब निगम कर्मचारियों की भूमिका सामने आई है। अपने परिवारवालों के नाम से ऐसी कई एजेंसियां इन्होंने चला रखी हैं, जिनके जरिए हर माह लाखों के वारे न्यारे होते हैं।
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इन फर्मों की गोपनीय जांच कराई जा रही है। मामला लखनऊ पहुंच चुका है। जल्द ही ऐसे कर्मचारियों पर कार्रवाई हो सकती है।
निगम की ओर से शहर में विज्ञापनों की वीडियोग्राफी कराकर सीडी नगर विकास मंत्रालय को भेजी गई थी। विज्ञापनों की संख्या और इनसे होने वाली इनकम का आकलन किया गया तो खेल उजागर हो गया।
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शासन की सख्ती के बाद निगम अधिकारियों ने फिर शहर में विज्ञापनों का सर्वे कराया है। इस खेल में निगम के कई कर्मचारियों की हिस्सेदारी भी सामने आई है।
बेटे, पत्नी और अन्य परिजनों के नाम पर फर्म चलाकर निगम कर्मचारी अवैध विज्ञापनों से हर माह लाखों और हर साल करोड़ों की कमाई कर रहे हैं।