जितेंद्र तोमर की जगह किसी और ने दी थी परीक्षा
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दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर की एलएलबी की फर्जी डिग्री मामले में बड़ा खुलासा सामने आया है। बिहार सरकार व राज्यपाल (कुलाधिपति) के रिकॉर्ड में भी तोमर के नाम व उनकी एलएलबी डिग्री का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।
अब पुलिस ने पूरी तरह ये स्पष्ट कर दिया है कि तोमर की बीएससी के साथ एलएलबी की डिग्री फर्जी है। पुलिस की एक टीम फिर बिहार पहुंची है। दक्षिण जिला डीसीपी प्रेमनाथ ने इसकी पुष्टि की है।
पुलिस इस मामले में अब तक करीब 150 लोगों से पूछताछ कर चुकी है। हर प्रदेश के सरकारी विश्वविद्यालय का कुलपति कार्यालय हर वर्ष राज्यपाल व सरकार को यूनिवर्सिटी रिकॉर्ड भेजता है। भागलपुर स्थित तिलकामांझी विश्वविद्यालय के कुलपति बिहार के राज्यपाल हैं।
पुलिस ने जब राज्यपाल व बिहार सरकार को भेजे गए रिकॉर्ड को खंगाला तो वहां भी तोमर के नाम व उनकी डिग्री का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।
रिकॉर्ड से हो रहे लगातार खुलासे
दक्षिण जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस की एक चार सदस्यीय टीम दो दिन पहले बिहार गई थी।
यह टीम भागलपुर स्थित तिलकामांझी विश्वविद्यालय और मुंगेर स्थित वीएनएसएल कॉलेज जाएगी। टीम वहां कुछ कागजात जब्त करने के अलावा कुछ लोगों की पहचान करेगी। कुछ से पूछताछ की जाएगी।
एलएलबी परीक्षा के परिणाम को जब्त करेगी। पुलिस को ये भी पता लगा है कि पूर्व तोमर के नाम जो एलएलबी की डिग्री है उसके रिकॉर्ड से पता लगा है कि प्रथम वर्ष में परीक्षा देने कोई बैठा ही नहीं था। दूसरे व तीसरे वर्ष में तोमर की जगह किसी और को यानी डमी उम्मीदवारों को बैठाया गया था।