{"_id":"5cc3b7d5bdec22077c354c63","slug":"failure-in-children-safety-fir-against-k-r-mangalam-school","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चों की सुरक्षा में लापरवाही: के आर मंगलम स्कूल के खिलाफ दर्ज होगी एफआईआर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्चों की सुरक्षा में लापरवाही: के आर मंगलम स्कूल के खिलाफ दर्ज होगी एफआईआर
Sat, 27 Apr 2019 07:30 AM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Sat, 27 Apr 2019 07:30 AM IST
विज्ञापन
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दिल्ली के ग्रेटर कैलाश स्थित के आर मंगलम स्कूल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। तीन दिन पहले एसडीएम के छापे के दौरान स्कूल परिसर में 2500 लीटर डीजल मिला था। इसे बच्चों की सुरक्षा में लापरवाही मानते हुए स्कूल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दिल्ली सचिवालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह जानकारी दी।
विज्ञापन
उन्होंने ने कहा कि 16 अप्रैल को इस स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों ने शिकायत दी थी। अभिभावकों की ओर से बताया गया कि स्कूल के मैदान में पेट्रोल टैंक व पेट्रोल पंप बना रखा है। गैर कानूनी तरीके से बसों को पेट्रोल व जनरेटर को ईंधन दिया जाता है। हेल्थ सेफ्टी का स्कूल में ध्यान नहीं रखा जा रहा, गैर कानूनी निर्माण हो रहे हैं और पानी की बोरिंग की जा रही है। मनीष सिसोदिया ने कहा कि स्कूल की बेसमेंट में गैर कानूनी ईंधन टैंक का पता चलने पर जांच के आदेश दिए गए थे। मुख्य सचिव से कहा था कि डीएम, एसडीएम, अग्निशमन विभाग और दिल्ली जल बोर्ड जांच करे। 20 व 22 अप्रैल को हुई जांच में स्कूल के बेसमेंट में कम से कम 2500 लीटर डीजल का भंडारण मिला था।
विज्ञापन
उपमुख्यमंत्री ने शुक्रवार को समीक्षा बैठक की
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार को समीक्षा बैठक की। उन्होंने गैर कानूनी बोरिंग को भी सीज करने के आदेश दिए गए हैं। जिस टैंक में डीजल था उसे खाली कर उसमें रेत भर दिया गया है।
विज्ञापन
सिसोदिया 29 अप्रैल को अभिभावकों से मिलेंगे
इस मामले के सामने आने के बाद अब उपमुख्यमंत्री 29 अप्रैल को स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया है कि वह अभिभावकों के साथ एक बैठक बुलाएं। इस बैठक का मकसद अभिभावकों से बात कर इस बात का भरोसा दिलाना है कि सरकारी और प्राइवेट स्कूल में बच्चों की सुरक्षा का ध्यान रखा जाएगा।