आंखे नहीं फिर भी तपस ने सीबीएसई में रच दिया इतिहास
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) 12वीं की बोर्ड परीक्षा में बैठे स्पेशल कैटेगरी के छात्रों ने अपने परिणाम से यह साबित कर दिया है कि किसी से पीछे नहीं हैं।
इस श्रेणी शारीरिक रूप से अक्षम छात्र आते हैं। 12वीं के परिणाम में सामान्य तौर पर छात्रों का पास प्रतिशत 82 फीसदी रहा, वहीं स्पेशल कैटेगरी के छात्रों का पास प्रतिशत 85.07 फीसदी रहा। इस कैटेगरी में टॉपर को 98 फीसदी नंबर मिले हैं। इस श्रेणी में कुल 2,125 छात्रों ने बोर्ड परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था।
इसमें 2076 छात्रों ने परीक्षा दी, जिनमें 1,766 पास हुए हैं। इनमें अकेले दिल्ली से ही 1,002 स्पेशल कैटेगरी के छात्रों ने परीक्षा दी और 843 पास हुए। इस श्रेणी में सबसे ज्यादा नंबर पाने वाले दस छात्रों में दिल्ली के तीन छात्र है, जिनमें दो लड़कियां और एक लड़का शामिल है। इनमें खुशबू चटर्जी, नेहमत मोंगिया और लक्ष्य दहिया हैं।
दिल्ली के इन तीनों को ही एक 500 में से 479 नंबर मिले हैं। विधि को हियरिंग की समस्या है। इसी तरह दूसरे नंबर आने वाली अपर्णा को कम दिखाई देता है।
तपस ने ऐसे रचा इतिहास
किताबों को ना देख पाने के बाद भी छात्रों ने अपनी
इच्छाशक्ति से परीक्षा पास कर ली है। दिल्ली स्थित डीपीएस आर. के. पुरम के
तपस भारद्वाज जो कि 100 फीसदी नेत्रहीन हैं, उनको परीक्षा में बेहतरीन नंबर
मिले हैं।
तपस ने ब्रेल लिपि के माध्यम से पेपर दिया और इसमें
उन्हें 500 में से 457 नंबर मिले है। तपस के अलावा दिल्ली के ही एस मीणा,
विभांशु शेखर, सुमन, शिव शंकर, संदीप कुमार को भी कम दिखाई देने के बावजूद
अच्छे अंक मिले।
सीबीएसई के मुताबिक परीक्षा में कुल 380 ऐसे
छात्रों ने शिरकत की जिन्हें कम या बिल्कुल दिखाई नहीं देता था। इसमें
जिसमें अकेले 315 छात्र दिल्ली से शामिल हुए थे।