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महंगाई कागजों में कम हुई, किचन में नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 19 Feb 2015 08:11 PM IST
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महंगाई के चलते ही जनता ने पिछली सरकार को सत्ता से बाहर किया। वहीं महंगाई कम करने के वादे के कारण भाजपा को सरकार बनाने का मौका दिया, लेकिन अब तक केंद्र सरकार ने ऐसा कुछ नहीं किया, जिससे कि किचन का खर्चा कम हो। खाने-पीने की चीजों के दाम पहले जैसे ही हैं।
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यह बात उन महिलाओं ने कही, जो किचन संभालती हैं। उन्हें उम्मीद है कि आगामी बजट में ऐसा कुछ न कुछ प्रावधान जरूर किया जाएगा, जिससे कि खानपान का खर्च कम हो। उनका कहना है कि महंगाई सिर्फ कागजों में ही कम हुई है। महंगाई कम होने के जो आंकड़े दिखाए जाते हैं, वे वास्तविकता के धरातल पर दिखने भी चाहिए।
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प्रतिक्रिया :
आगामी बजट से मेरी एक ही अपेक्षा है कि इसमें महंगाई घटाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। कम से कम किचन का सामान जरूर सस्ता होना चाहिए।
-गीता शर्मा
पेट्रोल व डीजल के दाम कम हुए, मगर ऐसा लगता है कि उसका कोई असर खाने-पीने की चीजों पर नहीं पड़ा। फल और सब्जी के जो दाम पहले थे, वही अब भी हैं।
-सुधा
बजट में कुछ ऐसा प्रावधान किया जाए, जिससे घर पर रहने वाली महिलाएं गृहस्थी चलाने के साथ ही अपने लिए आमदनी का कुछ जरिया बना सकें। महंगाई पर भी लगाम लगे।
गंगा देवी
घर में काम करने वाली महिलाओं का भी सरकार की ओर से बीमा होना चाहिए। घर की जिम्मेदारी संभालना भी कोई आसान काम नहीं है। कंपनियों में कार्यरत महिलाएं तो खुद से बीमा करवा सकती हैं।
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दीपा पांडेय