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‘महीना’ वसूली को लेकर आबकारी इंस्पेक्टर और सिपाही भिड़े, दोनों लहूलुहान
Thu, 09 Jan 2020 02:26 AM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
Published by: आसिम खान
Updated Thu, 09 Jan 2020 02:26 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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‘महीना’ वसूली को लेकर आबकारी इंस्पेक्टर व सिपाही आपस में भिड़ गए। कलक्ट्रेट स्थित कार्यालय में जिला आबकारी अधिकारी (डीईओ) के सामने ही दोनों बेकाबू हो गए। जमकर लात-घूंसे चले, जिससे दोनों लहूलुहान हो गए। बुधवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे हुई घटना के बाद डीईओ कार्यालय में अफरातफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को शांत कराया। इंस्पेक्टर व सिपाही ने कविनगर थाने में एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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सिहानी गेट थानाक्षेत्र के जयप्रकाश नगर में रहने वाले संदीप कुमार पुत्र सरमन सिंह आबकारी विभाग में तैनात हैं और जिले के सेक्टर-एक में तैनात हैं। उनका कहना है कि बुधवार सुबह वह जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय में थे। वहां आबकारी इंस्पेक्टर सुरेश चौधरी पहले से मौजूद थे। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने उनसे महीना देने की बात कही तो उन्होंने भ्रष्टाचार करने और पैसा कमाकर देने से साफ मना कर दिया।
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सिपाही के मुताबिक इंस्पेक्टर ने धमकी दी कि अगर यहां रहना है तो फील्ड से उगाही कर उन्हें महीना देना ही होगा। आरोप है कि धीरे-धीरे बात बढ़ गई और इंस्पेक्टर ने गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर मारपीट करते हुए धक्का दे दिया, जिससे उनका सिर फूट गया।
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24 घंटे काम लेने व छुट्टी न देने का आरोप
सिपाही संदीप का कहना है कि आबकारी इंस्पेक्टर द्वारा उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। सिपाही होने के बाबजूद हेड का काम भी उन्हें दे रखा है। उनसे 24 घंटे काम लिया जाता है और छुट्टी नहीं दी जाती है। इंस्पेक्टर पर आरोप है कि वह कहते हैं कि अगर सिपाही या उसकी पत्नी अस्पताल में भर्ती होंगी तभी छुट्टी मिलेगी। सिपाही का कहना है कि वह अपनी शिकायत लेकर जिला आबकारी अधिकारी के पास गए थे। वहां इंस्पेक्टर ने उनके साथ मारपीट कर दी।
इंस्पेक्टर बोले- परेशानी पूछते ही भड़क गया सिपाही
राजनगर एक्सटेंशन की गुलमोहर गार्डन सोसायटी में रहने वाले सुरेश कुमार आबकारी इंस्पेक्टर हैं और गाजियाबाद सेक्टर-एक में तैनाती है। उनका कहना है कि बुधवार को वह (डीईओ) कार्यालय में बैठे हुए थे। उसी दौरान डीईओ के मोबाइल पर फोन आया। इसके बाद डीईओ ने उनके सामने ही सिपाही संदीप को बुला लिया। परेशानी पूछने पर ही संदीप तैश में आ गया और राजनैतिक लोगों का नाम लेकर सबक सिखाने की धमकी देने लगा।
तुम मुझे सस्पेंड करो, मैं तुम्हें जिंदगी से टर्मिनेट कर दूंगा
इंस्पेक्टर का कहना है कि उन्होंने अभद्रता के बाद वह उच्चाधिकारियों को भेजने के लिए सिपाही के खिलाफ रिपोर्ट तैयार करने लगे तो सिपाही धमकी देकर जाने लगा। उसने कहा कि मुझे सस्पेंड नहीं टर्मिनेट कराना। मैं तुम्हें जिंदगी से टर्मिनेट कर दूंगा। इंस्पेक्टर का आरोप है कि विरोध करने पर सिपाही ने उनके साथ मारपीट कर दी। सिपाही को एक कर्मचारी के साथ कमरे में बंद कर पुलिस को फोन किया तो सिपाही ने दीवार में सिर मारकर खुद को लहूलुहान कर लिया। आरोप है कि सिपाही के परिजनों ने भी ऑफिस आकर उनके साथ अभद्रता की। पुलिस के आने पर लोग शांत हुए।
इंस्पेक्टर वर्सेज सिपाही.... मैसेज वायरल
जिला आबकारी अधिकारी के सामने इंस्पेक्टर व सिपाही के बीच मारपीट का घटनाक्रम सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। देखते ही देखते उक्त घटना लोगों की जुबां पर आ गई। लोग कह रहे थे कि इंस्पेक्टर वर्सेज सिपाही का मामला सुनने को तो कई बार मिला, लेकिन देखने को पहली बार मिला।
पुलिस के बाद आबकारी विभाग पर भ्रष्टाचार का धब्बा
बीते काफी समय से गाजियाबाद पुलिस भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरी थी। एक के बाद एक कई मामले सामने आए थे। लेकिन अब भ्रष्टाचार का धब्बा आबकारी विभाग पर लगा है। खुद महकमे के सिपाही ने इंस्पेक्टर पर महीना वसूली करने का आरोप लगा है। चर्चा है कि अगर गंभीरता से जांच हुई तो आबकारी विभाग में कई अधिकारियों व कर्मचारियों पर गाज गिरेगी।
कविनगर के एसएचओ मोहम्मद असलम ने कहा कि आबकारी इंस्पेक्टर व सिपाही ने एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर दी है। दोनों की तहरीर पर मुकदमे दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। दोनों सरकारी कर्मचारी हैं। मुकदमों के संबंध में उच्चाधिकारियों को भी सूचना प्रेषित कर दी गई है।