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Delhi Metro: सुरंगों की खोदाई से पुराने भवनों को नहीं रहेगा खतरा, खास एहतियात बरतेगी डीएमआरसी
Mon, 29 May 2023 08:53 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Mon, 29 May 2023 08:53 AM IST
सार
पुराने भवनों और संरचनाओं को कोई नुकसान नहीं पहुंचे, इसकी निगरानी वेब आधारित डिजिटल प्रणाली के जरिये की जाएगी।
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delhi metro
- फोटो : istock
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विस्तार
डीएमआरसी फेज-4 के जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम कॉरिडोर पर डेरावल नगर और पुल बंगश के बीच सुरंग बनाने के दौरान खास एहतियात बरतेगी। पुराने भवनों और संरचनाओं को कोई नुकसान नहीं पहुंचे, इसकी निगरानी वेब आधारित डिजिटल प्रणाली के जरिये की जाएगी। इस दायरे में तीन भूमिगत स्टेशनों के निर्माण की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। अधिक भीड़ भाड़ वाले क्षेत्र में निर्मित पुरानी इमारतों की जर्जर भवनों पर पल-पल नजर रखी जाएगी। अगले महीने सुरंग की खुदाई की शुरुआत होगी।
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पुरानी इमारतों की सुरक्षा के लिहाज से इस प्रणाली का उपयोग किया जाएगा। इससे पहले भी पुरानी दिल्ली में वॉयलेट लाइन और येलो लाइन के लिए भी निर्माण में निगरानी के लिए इस प्रणाली का उपयोग किया गया था। इसके जरिये निर्माण की 24 घंटे निगरानी की जाएगी। एक बटन के क्लिक के साथ इस क्षेत्र में भवनों की दूरी, हालात और खुदाई के दौरान की मौजूदा स्थिति सहित कई पल पल की अहम जानकारियां मिलेंगी। 24 घंटे निगरानी के लिए स्वदेशी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाएगा और मोबाइल या डेस्कटॉप से इसकी निगरानी की जा सकेगी।
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पुराने गहरे कुओं की मिल जाएगी जानकारी
पहले चरण में इस हिस्से में आठ जगहों की निगरानी के लिए इस प्रणाली का उपयोग किया जाएगा। सभी उपकरण डेरावल नगर, घंटा घर, नबी करीम, पुलबंगश और सदर बाजार क्षेत्र में होंगे। यह वेब-आधारित होगा और सुरंग की खुदाई के दौरान सुरक्षा के लिहाज इसका उपयोग महत्वपूर्ण होगा। इस बार पहली बार डीएमआरसी अपनी सभी टीबीएम को बोर टनलिंग इलेक्ट्रिकल अहेड मॉनिटरिंग (बीईएएम) सिस्टम से लैस कर रही है। यह टीबीएम को मशीन के कटर हेड के अगले हिस्से से 20 मीटर आगे तक भूगर्भीय जांच कर सकेगा। इससे अप्रत्याशित रूप से भरे हुए गहरे कुएं, गारे और जलकूपों के होने की संभावनाओं का भी आसानी से पता चल जाएगा। इसके बगैर टीबीएम से टक्कर होने पर जमीन धंस सकती है।
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2.2 किमी में भूमिगत सुरंग का कार्य पूरा
फेज-4 के मेट्रो विस्तार के तहत करीब 28 कि.मी. में डीएमआरसी नए भूमिगत कॉरिडोर का निर्माण कर रहा है। इसके लिए तीनों कॉरिडोर में 65 किमी. नई लाइनें बिछाई जा रही हैं। यह एक बड़ी इंजीनियरिंग चुनौती होगी क्योंकि भूमिगत कॉरिडोर सदर बाजार, नबी करीम और दक्षिणी रिज के महरौली- बदरपुर रोड के भीड़-भाड़ वाले रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्रों से होकर गुजरने वाले हैं। अब तक, डीएमआरसी ने जनकपुरी पश्चिम–आरके आश्रम मार्ग कॉरिडोर पर जनकपुरी पश्चिम और कृष्णा पार्क एक्सटेंशन के बीच 2.2 कि.मी. भूमिगत सुरंगों (ऊपर और नीचे आवाजाही के लिए) का कार्य पूरा कर लिया है।