{"_id":"5ae1f4fc4f1c1b23338b5327","slug":"ews-quota-private-schools-can-not-deny-admission","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईडब्ल्यूएस कोटाः दाखिला देने से निजी स्कूल नहीं कर सकते इनकार ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ईडब्ल्यूएस कोटाः दाखिला देने से निजी स्कूल नहीं कर सकते इनकार
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 26 Apr 2018 09:20 PM IST
विज्ञापन
EWS quota
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली सरकार ने सभी निजी स्कूलों को ईडब्ल्यूएस लिस्ट में शामिल सभी छात्रों को दाखिला देने के निर्देश दिए हैं। सरकार का निर्देश हाल में मिली उन शिकायतों के बाद जारी किए गए हैं जिसमें लिस्ट में नाम होने के बावजूद छात्रों को दाखिला नहीें देने की बात कही गई थी। स्कूल इसकी वजह सामान्य वर्ग की सीटों के खाली होना बता रहे हैं। इसे गलत बताते हुए सरकार ने कहा है कि लिस्ट में शामिल सभी बच्चों को दाखिला देना अनिवार्य है।
विज्ञापन
दरअसल, लाटरी निकलने के बाद से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को शिकायत मिल रही थी कि कई निजी स्कूल ईडब्ल्यूएस लिस्ट में शामिल बच्चों को दाखिला नहीं दे रहे हैं। स्कूलों ने अभिभावकों को बताया कि उनके यहां अभी सामान्य वर्ग की सीटें खाली हैं।
विज्ञापन
इन सीटों के भरने के बाद ही इडब्ल्यूएस श्रेणी में दाखिला दिया जा सकता। इसी तरह की शिकायतें पिछले साल भी आई थीं। हालांकि, उस वक्त शिक्षा विभाग की छापेमारी में खुलासा हुआ था कि कई स्कूलों ने सामान्य वर्ग के दाखिले की वास्तविक संख्या छिपा रखी थी।
विज्ञापन
दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि हाईकोर्ट ने इस बारे में स्पष्टीकरण दिया है कि 25 फीसदी सीटें ईडब्ल्यूएस श्रेणी की होनी चाहिए। इस मसले में छूट तभी दी सकती है जब डायरेक्टर एजूकेशन की तरफ से यह प्रमाण पत्र मिल जाए कि स्कूल के सभी कोशिशों के बावजूद सामान्य वर्ग की सीटें नहीं भरी जा सकीं।
इसके बगैर स्कूलों को लिस्ट में शामिल बच्चों को दाखिला दिलाना अनिवार्य होगा। स्कूल प्रशासन को चेतावनी दी गई है कि वह अभिभावकों को परेशान न करें।