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दिल्ली के तीन बड़े अस्पतालों में अब कोई भी करा सकेगा एंटीजन जांच
Thu, 30 Jul 2020 05:36 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 30 Jul 2020 05:36 AM IST
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- फोटो : prayagraj
राजधानी के राम मनोहर लोहिया अस्पताल, लेडी हार्डिंग और सफदरजंग अस्पताल में अब कोई भी एंटीजन जांच करा सकेगा। सके लिए किसी डॉक्टरी पर्चे की जरूरत नहीं होगी। इसके लिए नया केंद्र तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा दिल्ली सरकार के लेडी हॉर्डिंग और सफदरजंग में भी सभी मरीजों और उनके तीमारदारों की एंटीजन जांच होगी। आरटी-पीसीआर जांच कराने के लिए अब कम मरीज ही अस्पताल आते हैं। इसे देखते हुए इन अस्पतालों ने यह निर्णय लिया है।
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राम मनोहर लोहिया अस्पताल में कम्युनिटी मेडिसिन के डॉक्टर मनीष प्रभाकर के मुताबिक, दिल्ली में रैपिड एंटीजन जांच की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है। इससे आरटीपीसीआर जांच लगभग आधी रह गई हैं। आरटी-पीसीआर जांच के परिणाम आने में तीन से चार दिन लगते हैं। एंटीजन किट से आधे घंटे में जांच रिपोर्ट मिल जाती है। लिहाजा, अधिकतर लोग एंटीजन जांच को महत्व दे रहे हैं। लोग यह जानते हैं कि वे कोरोना की जांच करा रहे हैं। उन्हें यह नहीं पता होता कि कोरोना की कौन सी जांच सही है और कौन सी सिर्फ स्क्रीनिंग के मकसद से हो रही है।
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आरएमएल में तीन गुना कम हुए लोग
आरएमएल में कोरोना वायरस की आरटी-पीसीआर जांच के लिए आने वाले लोगों की संख्या लगभग तीन गुना कम हो गई है। एक डॉक्टर ने बताया कि दो सप्ताह पहले तक उनके यहां 800 से 900 लोग प्रतिदिन आरटी-पीसीआर जांच के लिए आते थे, लेकिन अब यह संख्या बहुत कम हो गई है। यहां रोजाना 250 से 300 मरीज ही प्रतिदिन जांच के लिए आते हैं।
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रोजाना हो रही 15 हजार एंटीजन जांच
राजधानी में रोजाना औसतन 15 हजार जांच सिर्फ रैपिड एंटीजन किट से हो रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 4.35 लाख लोगों की एंटीजन किट से जांच की जा चुकी है। इनमें से 10 फीसदी लोग संक्रमित मिले हैं।
लक्षण दिखने पर जरूरी है आरटी-पीसीआर जांच
आईसीएमआर के अनुसार, अगर किसी मरीज में कोरोना के लक्षण हैं और एंटीजन जांच में रिपोर्ट निगेटिव आती है तो उसे दोबारा आरटी-पीसीआर जांच करानी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, 26 जुलाई तक जितने लोगों की एंटीजन जांच की गई, उसमें करीब 1800 लोग ऐसे थे जिनमें कोरोना के लक्षण थे और वह एंटीजन जांच में निगेटिव आए थे। ऐसे सभी लोगों की दोबारा आरटी-पीसीआर जांच कराई गई। इनमें से 300 संक्रमित निकले। यानी, एंटीजन जांच के परिणाम फिलहाल 78 फीसदी ठीक आ रहे हैं।
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ये हैं दोनों जांच में अंतर
1. सफदरजंग अस्पताल में मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर जुगल किशोर ने बताया कि आरटी-पीसीआर जांच में नाक और मुंह दोनों से सैंपल लिया जाता है, जबकि रैपिड एंटीजन टेस्ट में सिर्फ नाक से ही सैंपल लिया जाता है।
2. आरटी-पीसीआर जांच में वायरस के आरएनए या डीएनए का पता लगाया जाता है। कोरोना एक आरएनए वायरस है तो इसकी जांच में आरएनए का पता लगाते हैं।
3. एंटीजन टेस्ट में वायरस के एंटीजन का पता लगाया जाता है। ये ऐसे बाहरी तत्व होते हैं जो प्रतिरक्षा तंत्र को एंटीबॉडी बनाने के लिए प्रेरित करते हैं। एंटीजन जांच में अगर वायरस का एंटीजन या प्रोटीन नहीं मिलता है तो उसके दो अर्थ हो सकते हैं कि या तो व्यक्ति में वायरस नहीं है या फिर उसके एंटीजन अभी कम हैं जो जांच में दिखे नहीं।
2. आरटी-पीसीआर जांच में वायरस के आरएनए या डीएनए का पता लगाया जाता है। कोरोना एक आरएनए वायरस है तो इसकी जांच में आरएनए का पता लगाते हैं।
3. एंटीजन टेस्ट में वायरस के एंटीजन का पता लगाया जाता है। ये ऐसे बाहरी तत्व होते हैं जो प्रतिरक्षा तंत्र को एंटीबॉडी बनाने के लिए प्रेरित करते हैं। एंटीजन जांच में अगर वायरस का एंटीजन या प्रोटीन नहीं मिलता है तो उसके दो अर्थ हो सकते हैं कि या तो व्यक्ति में वायरस नहीं है या फिर उसके एंटीजन अभी कम हैं जो जांच में दिखे नहीं।