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Delhi NCR News: दिल्ली में हर दूसरे व्यक्ति का लिवर फैटी
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आईएलबीएस ने मोहल्ला क्लीनिकों में आए मरीजों पर किया अध्ययन
50 फीसदी मरीजों में लिवर की समस्या
देश में 30 फीसदी तक है यह आंकड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में हर दूसरे व्यक्ति में नॉन अल्कोहल फैटी लिवर (एनएएफएलडी) की शिकायतें मिल रही हैं। लिवर और पित्त विज्ञान संस्थान (आईएलबीएस) ने बीते समय दिल्ली के मोहल्ला क्लीनिकों में आए मरीजों पर एक अध्ययन किया था। अध्ययन में 50 फीसदी मरीज नॉन-अल्कोहल फैटी लिवर रोग से पीड़ित पाए गए। देशभर में यह आंकड़ा 30 फीसदी के करीब है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जीवन शैली में आए बदलाव के कारण दिल्ली सहित देश में एनएएफएलडी का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसके कारण लिवर से जुड़ीं समस्याएं हो सकती हैं। आईएलबीएस के महामारी विज्ञान विभाग में विजिटिंग प्रोफेसर डॉ. भारत भूषण रेवारी ने बताया कि संस्थान ने मोहल्ला क्लीनिकों में आए मरीजों पर एक अध्ययन किया है। अध्ययन की रिपोर्ट को विश्व लिवर दिवस के अवसर पर संस्थान के प्रमुख डॉ. एस के सरीन प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कहा कि लोगों के बीच लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। अभी तक शराब पीने वालों में दिक्कत ज्यादा दिखती थी, लेकिन अब मोटापा, मधुमेह, काम करने की शैली में बदलाव व दूसरे कारणों से लिवर पर असर पड़ा है। यहीं कारण है कि देश में एनएएफएलडी का आंकड़ा 30 फीसदी तक है।
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बचाव के लिए क्या करें
- जीवन शैली को सुधारें, स्वस्थ खान-पान करें, काम करने की आदत सुधारें, फास्ट फूड से दूरी बनाएं, व्यायाम और योग करें
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इनमें होने की आशंका ज्यादा
मोटापा, मधुमेह रोगी, उच्च रक्तचाप, शराब का सेवन करने वाले
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खान-पान में सुधार कर दूर कर सकते हैं समस्या
दिल्ली नगर निगम के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (आयुर्वेद) डॉक्टर आरपी पाराशर ने कहा कि आहार विहार में सुधार कर फैटी लिवर की समस्या से बच सकते हैं। ऐसे मरीजों में सिरोसिस व अन्य गंभीर लिवर रोग होने का खतरा रहता है। शरीर में वसा के अधिक जमाव और इंसुलिन प्रतिरोध के परिणामस्वरूप लिवर में फैटी एसिड की मात्रा अत्यधिक बढ़ जाती है। फैटी लिवर की स्थिति में भी मरीज यदि कार्बोहाइड्रेट और संतृप्त वसा से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन जारी रखें तो रोग की गंभीरता बढ़ती चली जाती है।
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ये लक्षण दिखे तो तुरंत करें डॉक्टर से संपर्क
- बहुत ज्यादा थकान, पेट में ऊपर की तरफ दाईं ओर दर्द, पेट पर सूजन
- नसें फूली हुई नजर आना
- हथेलियों में लाली आना
- त्वचा के रंग का पीला होना
- पीलिया
- शरीर में पानी का जमाव
- उल्टी या मल में रक्त आना
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50 फीसदी मरीजों में लिवर की समस्या
देश में 30 फीसदी तक है यह आंकड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में हर दूसरे व्यक्ति में नॉन अल्कोहल फैटी लिवर (एनएएफएलडी) की शिकायतें मिल रही हैं। लिवर और पित्त विज्ञान संस्थान (आईएलबीएस) ने बीते समय दिल्ली के मोहल्ला क्लीनिकों में आए मरीजों पर एक अध्ययन किया था। अध्ययन में 50 फीसदी मरीज नॉन-अल्कोहल फैटी लिवर रोग से पीड़ित पाए गए। देशभर में यह आंकड़ा 30 फीसदी के करीब है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जीवन शैली में आए बदलाव के कारण दिल्ली सहित देश में एनएएफएलडी का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसके कारण लिवर से जुड़ीं समस्याएं हो सकती हैं। आईएलबीएस के महामारी विज्ञान विभाग में विजिटिंग प्रोफेसर डॉ. भारत भूषण रेवारी ने बताया कि संस्थान ने मोहल्ला क्लीनिकों में आए मरीजों पर एक अध्ययन किया है। अध्ययन की रिपोर्ट को विश्व लिवर दिवस के अवसर पर संस्थान के प्रमुख डॉ. एस के सरीन प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कहा कि लोगों के बीच लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। अभी तक शराब पीने वालों में दिक्कत ज्यादा दिखती थी, लेकिन अब मोटापा, मधुमेह, काम करने की शैली में बदलाव व दूसरे कारणों से लिवर पर असर पड़ा है। यहीं कारण है कि देश में एनएएफएलडी का आंकड़ा 30 फीसदी तक है।
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बचाव के लिए क्या करें
- जीवन शैली को सुधारें, स्वस्थ खान-पान करें, काम करने की आदत सुधारें, फास्ट फूड से दूरी बनाएं, व्यायाम और योग करें
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इनमें होने की आशंका ज्यादा
मोटापा, मधुमेह रोगी, उच्च रक्तचाप, शराब का सेवन करने वाले
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खान-पान में सुधार कर दूर कर सकते हैं समस्या
दिल्ली नगर निगम के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (आयुर्वेद) डॉक्टर आरपी पाराशर ने कहा कि आहार विहार में सुधार कर फैटी लिवर की समस्या से बच सकते हैं। ऐसे मरीजों में सिरोसिस व अन्य गंभीर लिवर रोग होने का खतरा रहता है। शरीर में वसा के अधिक जमाव और इंसुलिन प्रतिरोध के परिणामस्वरूप लिवर में फैटी एसिड की मात्रा अत्यधिक बढ़ जाती है। फैटी लिवर की स्थिति में भी मरीज यदि कार्बोहाइड्रेट और संतृप्त वसा से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन जारी रखें तो रोग की गंभीरता बढ़ती चली जाती है।
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ये लक्षण दिखे तो तुरंत करें डॉक्टर से संपर्क
- बहुत ज्यादा थकान, पेट में ऊपर की तरफ दाईं ओर दर्द, पेट पर सूजन
- नसें फूली हुई नजर आना
- हथेलियों में लाली आना
- त्वचा के रंग का पीला होना
- पीलिया
- शरीर में पानी का जमाव
- उल्टी या मल में रक्त आना