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सम-विषमः जुर्माने की चोट से बचने को ‘बहानों’ की ओट

Tue, 05 Nov 2019 05:22 AM IST
दुष्यंत शर्मा पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Tue, 05 Nov 2019 05:22 AM IST
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Even-odd the excuse of excuses to avoid penalty 
चालान - फोटो : अमर उजाला

राजधानी दिल्ली में सम-विषम सोमवार से लागू हो गया। विषम नंबर की कारों को सड़कों पर लेकर उतरे कई वाहन चालक ट्रैफिक पुलिस के चुंगल में फंस गए। लोगों ने बहाने भी बहुत बनाए, लेकिन ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने कुछ नहीं सुना। 

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वकीलों ने कहा कि पुलिस बदला लेने के लिए उनका चालान कर रही है, जबकि एक सांसद के बेटे की कार चला रहे युवक ने रुपये देकर चालान को रफा-दफा करने की बात कर दी, परंतु पुलिस नहीं मानी और कार का चालान कर दिया।
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‘अमर उजाला’ संवाददाता ने सम-विषम के तहत वाहन चालकों के बहानों को जानने के लिए सोमवार को कई जगह जायजा लिया। चिराग दिल्ली से सादिक नगर की तरफ जाते हुए जोसफ टीटो मार्ग पर ग्रेटर कैलाश सर्किल के ट्रैफिक कर्मियों ने एक कार को रोका। 
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कार का नंबर विषम था और वह एक वकील की थी। पुलिस चालान करने लगी तो वकील बोला कि तीस हजारी कोर्ट में पुलिस और वकीलों के बीच जो बवाल हुआ है उसका बदला लेने के लिए उसका चालान किया जा रहा है। आखिरकार, वकील साहब का चालान किया गया। यहीं पर क्रेटा कार चालक को रोका तो उसने बताया कि उसकी पत्नी की तबीयत खराब है। साथ में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाला बेटा भी था।।

 पुलिसकर्मियों ने क्रेटा कार चालक का भी चालान किया। चिराग दिल्ली फ्लाईओवर के नीचे यूपी नंबर की एक लग्जरी कार को रोका। उसमें बैठे युवक ने खुद को सांसद का बेटा बताया। कार चला रहे युवक ओजस्व ने ट्रैफिक पुलिसकमयों से बताया कि वह जयपुर से आ रहे हैं और उन्हें सम-विषम का नहीं पता था।

यहां पर चालक ने पुलिसकर्मियों से कहा कि उसके पास 1000 रुपये हैं और ये पैसे लेकर चालान को रफा-दफा कर दें। पुलिस ने उसका चार हजार रुपये का कोर्ट का चालान किया। चिराग दिल्ली के फ्लाईओवर के नीचे आई-10 कार को रोका गया। उसका नंबर विषम था। चालक नीरज ने बताया कि उसके मामा का पुत्र अस्पताल में भर्ती है और वह उसके लिए खाना लेने जा रहा है। 

पुलिसकर्मियों ने उसकी एमरजेंसी को देखते हुए छोड़ दिया। मुजफ्फरनगर (यूपी) निवासी विपुल त्यागी अपनी लग्जरी कार से दिल्ली आया था। विपुल का कहना था कि उसे दिल्ली में सम-विषम के बारे में जानकारी थी। खुद को डॉक्टर को दिखाने वह अगस्त क्रांति मार्ग स्थित क्लीनिक गया था। 

उसकी मजबूरी देखकर पुलिस ने उसे छोड़ दिया। इंडिया गेट पर आई-10 कार चालक को रोका गया। चालक ने ट्रैफिक पुलिसकमयों से कहा कि उसके घर में एमरजेंसी है। इस कारण वह घर जा रहा था। ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने उसे भी बिना चालान के जाने दिया।


सीएनजी कारों पर असमंजस
ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विषम नंबर की जो कारें पकड़ी गई वह ज्यादातर सीएनजी थीं। कार चालकों का कहना था कि पिछली बार सम-विषम योजना के तहत छूट दी गई थी। उन्हें लगा कि इस बार भी छूट दी गई होगी। इस कारण वह विषम नंबर की कार से निकल पड़े। 

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