प्रदूषण की जंग में सम-विषम फॉर्मूला हुआ हिट
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राजधानी में प्रदूषण की जंग में सम-विषम फॉर्मूला प्रयोग फर्स्ट डे-फर्स्ट शो हिट रहा। सफलता से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत कैबिनेट खुश दिखी। छुट्टी सीजन, जागरुकता व दो हजार रुपये के चालान के डर से सड़क पर ट्रैफिक भी कम रहा।
लेकिन उनमें सीएनजी, महिला ड्राइवर, इमरजेंसी कारों के इतर सम नंबर की कार सड़क पर ढूंढने पर इक्का-दुक्का मध्य दिल्ली व नई दिल्ली में दिखाई दी। ऐसे में सम-विषम फार्मूले की असली परीक्षा सोमवार (4 जनवरी) को वर्किंग डे पर होगी।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की कैबिनेट का उम्मीद है कि दिल्ली सोमवार को भी पास होगी। कारें डंडे के दम पर नहीं रुकी है, जनता ने आंदोलन की तरह अपने बच्चों जिंदगी चुनी है।
दिल्ली के इलाकों में सम नंबर की कुछ कारें उतारी गईं
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने मॉनिटरिंग स्टेशन के सुबह 8 बजे से शाम 3 बजे तक के डाटा का हवाला देकर दावा किया है कि सभी स्टेशन पर प्रदूषण नीचे गिरा है। दूसरी ओर सीपीसीबी ने प्रदूषण का स्तर न गिरने की बात कही है।
उत्तर-पूर्वी दिल्ली, पूर्वी दिल्ली के साथ बाहरी दिल्ली के इलाकों में सम नंबर की कारें कुछ उतारी गईं। बॉर्डर पर आने वाले सम नंबर की काफी कारें वालिंटियर्स के कहने पर वापस भी लौटी।
सिंधू बॉर्डर पर कार सवारों की पुलिस से बहस भी हुई। जबकि कुछ बॉर्डर पर चेकिंग न होने के कारण वाहन चालक प्रवेश भी कर गए। ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग का भी पहले दिन चालान काटने की बजाय समझाने, वालिंटियर्स से गुलाब दिलवाने पर अधिक रहा।
दिल्ली के लोगों ने असंभव को संभव कर दिखाया
यही वजह है कि शाम 6 बजे तक सम-विषम वाहन कानून उल्लंघन करने के सिर्फ 117 चालान हुए और ऑटो रिक्शा वालों की मनमानी की शिकायत पर 66 चालान कंट्रोल रूम में आई शिकायत पर किए गए।
केजरीवाल के मुताबिक दिल्ली के लोगों ने असंभव को संभव कर दिखाया। खुले दिन से जनता से सम-विषम को अपनाया है। डंडे से अमल नहीं कराया जा सकता, जनता के दिल में उतरना होगा।
लोगों ने आशा दिखाई है, बड़ी चुनौती को प्राप्त करने की क्षमता उनमें है। आने वाले दिनों में दिल्ली के लोग ऐसे और काम भी करके दिखाएंगे। सहयोग के लिए पुलिस को धन्यवाद। जब-जब जरूरत होगी, इसे लागू कर सकते हैं।
वो बच्चों के साथ खिलवाड़ ना करें
पीडब्ल्यूडी मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि हमने सोचा भी नहीं था कि इतना अच्छा रेस्पॉंस मिलेगा। सुबह थोड़ा बहुत सम नंबर की कारें दिखी लेकिन 9-10 बजे से एक फीसदी भी नहीं दिखी।
पहले किसी राजनीतिक दल ने हिम्मत नहीं दिखाई। स्वीमिंग पुल के बाहर खड़े होकर तैरना सीखने की कोशिश में रहे। हम पहली ऐसी सरकार हैं जो पानी में उतरा है। विरोधियों का भी धन्यवाद। ये एक सक्सेस स्टोरी है।
परिवहन मंत्री गोपाल राय कहते हैं कि मैं भाजपा और कांग्रेस केनेताओं से अपील करना चाहता हैं कि कुछ दिन से सम-विषम को लेकर जैसी भाषा अपना रहे थे, अब बदल लें। उन्हें सोचने की जरूरत है। सहयोग करें और भरोसा करें। जो स्कूल की बस रोकने की कोशिश कर रहे हैं, वो बच्चों के साथ खिलवाड़ ना करें।