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अयोग्य होने पर भी पैरेंट्स ने बच्चों के लिए आरटीई के तहत मांगा एडमिशन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Updated Wed, 27 Jun 2018 12:03 PM IST
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ग्रेटर नोएडा में काफी अभिभावकों ने अपात्र होने के बावजूद भी आरटीई के तहत अपने बच्चों के दाखिले के लिए आवेदन किया। इसका खुलासा शिक्षा विभाग की जांच में हुआ। जांच के दौरान कुल 2461 में से 473 आवेदनों को अपात्र होने पर निरस्त कर दिया गया है।
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निजी स्कूल आरटीई के तहत गरीब बच्चों का दाखिला करने में आनाकानी कर रहे थे। जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा विभाग के माध्यम से दाखिले कराने की व्यवस्था की। विभाग ने आरटीई के तहत अभिभावकों से आवेदन मांगे थे। ताकि, निजी स्कूलों में गरीब बच्चों का दाखिला कराया जा सके।
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तीन चरण में कुल 2461 बच्चों के आवेदन आए। जबकि पहले दो चरण में कुल 1494 आवेदन आए। उनकी जांच की गई। जांच के बाद 1321 बच्चों का दाखिला विभिन्न स्कूलों में कराया गया।
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जबकि, बाकी आवेदनों को निरस्त कर दिया गया। वहीं तीसरे चरण में 967 आवेदन आए हैं। इनमें से 300 को निरस्त कर दिया गया है। बाकी 667 आवेदनों के दाखिले लॉटरी के माध्यम से विभिन्न स्कूलों में कराए जाएंगे।
दाखिले के लिए लगाए फर्जी प्रमाणपत्र
शिक्षा का अधिकार
आरटीई के तहत आए आवेदनों की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। काफी अभिभावकों ने दाखिला करवाने के लिए फर्जी प्रमाण पत्र तक लगाए थे। इसका पता चलने पर विभाग ने आवेदन को निरस्त कर दिया और इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी है। ताकि, गलत आय प्रमाण पत्र जारी करने वालों भी कार्रवाई हो सके। इसके अलावा आधार कार्डों में जन्मतिथि सहीं नहीं होना भी आवेदन निरस्त करने का मुख्य कारण रहा।
तीन साल में सबसे अधिक दाखिले
आरटीई के तहत इस साल सबसे अधिक दाखिले हो चुके है। अभी तक 1321 दाखिले हो चुके है। जबकि, तीसरे चरण के दाखिले होने के बाद यह संख्या 1988 तक पहुंचने की उम्मीद है। वर्ष 2017-18 में आरटीई के तहत 1110 दाखिले कराए गए थे। वहीं वर्ष 2016-17 में आरटीई के तहत मात्र 105 दाखिले हुए थे।
वर्ष 2018-19 सत्र में आरटीई से जुड़े आंकड़े
पहला चरण:
कुल आवेदन-603
निरस्त आवेदन-5
कुल दाखिला-598
दूसरा चरण:
कुल आवेदन-891
निरस्त आवेदन-168
कुल दाखिला-723
तीसरा चरण:
कुल आवेदन-967
निरस्त आवेदन-300
कुल दाखिले-667 (होने है अभी)
तीन साल में सबसे अधिक दाखिले
आरटीई के तहत इस साल सबसे अधिक दाखिले हो चुके है। अभी तक 1321 दाखिले हो चुके है। जबकि, तीसरे चरण के दाखिले होने के बाद यह संख्या 1988 तक पहुंचने की उम्मीद है। वर्ष 2017-18 में आरटीई के तहत 1110 दाखिले कराए गए थे। वहीं वर्ष 2016-17 में आरटीई के तहत मात्र 105 दाखिले हुए थे।
वर्ष 2018-19 सत्र में आरटीई से जुड़े आंकड़े
पहला चरण:
कुल आवेदन-603
निरस्त आवेदन-5
कुल दाखिला-598
दूसरा चरण:
कुल आवेदन-891
निरस्त आवेदन-168
कुल दाखिला-723
तीसरा चरण:
कुल आवेदन-967
निरस्त आवेदन-300
कुल दाखिले-667 (होने है अभी)