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EV Capital: दिल्ली में 2030 तक के लिए बनेगी नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति, इस महीने जारी हो सकता है पॉलिसी ड्राफ्ट
Mon, 16 Mar 2026 03:56 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 16 Mar 2026 03:56 AM IST
सार
सरकार की नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति मुख्य रूप से वर्ष 2030 तक के लक्ष्यों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। इसका उद्देश्य अगले छह वर्षों के भीतर दिल्ली के सार्वजनिक और निजी परिवहन बेड़े को बिजली से संचालित बनाना है।
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विस्तार
दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी को ईवी कैपिटल बनाने के संकल्प को लंबी अवधि के विजन में तब्दील कर दिया है। सरकार की नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति मुख्य रूप से वर्ष 2030 तक के लक्ष्यों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। इसका उद्देश्य अगले छह वर्षों के भीतर दिल्ली के सार्वजनिक और निजी परिवहन बेड़े को बिजली से संचालित बनाना है।
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इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए दिल्ली सरकार केंद्र की पीएम ई-ड्राइव योजना के साथ तालमेल बिठाकर एक अभेद्य इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करेगी। नीति को सुचारू रूप से लागू करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति समय-समय पर समीक्षा करेगी और 2030 तक के लक्ष्यों की प्रगति की निगरानी करेगी। डिजिटल पोर्टल के जरिए पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाएगा।
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नई नीति के तहत 2030 तक दिल्ली की सड़कों से धुंआ छोड़ने वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से बाहर करने की योजना है। इसमें सबसे बड़ा टारगेट दिल्ली के 5.8 मिलियन (58 लाख) दोपहिया वाहन हैं। सरकार इन वाहनों को सब्सिडी और स्क्रैपेज इंसेंटिव के जरिए इलेक्ट्रिक में बदलने के लिए प्रोत्साहित करेगी। विजन 2030 के तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि राजधानी में बिकने वाला हर नया दोपहिया और तिपहिया वाहन केवल इलेक्ट्रिक हो।
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2030 के लक्ष्य को पाने के लिए सबसे बड़ी चुनौती चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की है। सरकार ने वर्तमान में मौजूद 9,000 चार्जिंग पॉइंट्स को बढ़ाकर 36,000 करने का लक्ष्य रखा है। दिल्ली ट्रांस्को लिमिटेड (डीटीएल) को इस बुनियादी ढांचे की योजना और कार्यान्वयन के लिए नोडल एजेंसी नियुक्त किया जाएगा। डीटीएल न केवल मांग का आकलन करेगी, बल्कि ग्रिड की तैयारी और सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए सिंगल विंडो सुविधा भी प्रदान करेगी।
कंपनियों के लिए कड़े मानक
नई नीति के तहत वाहन निर्माताओं के लिए मानक तय किए गए हैं। कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे बाजार में मांग के अनुरूप ई-वाहनों की समय पर आपूर्ति करें। हर डीलर के पास कम से कम एक सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन होना अनिवार्य होगा, जिसमें दोपहिया और चार पहिया वाहनों के लिए अलग-अलग चार्जिंग पॉइंट्स होंगे।