{"_id":"5bdb9af9bdec2269af6494a4","slug":"epca-chairman-bhure-lal-inspection-of-industrial-area","type":"story","status":"publish","title_hn":"औद्योगिक क्षेत्र का निरीक्षण कर गुस्साए भूरेलाल, कहा- अफसर निकम्मे हैं तो इन्हें बंद कर दो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
औद्योगिक क्षेत्र का निरीक्षण कर गुस्साए भूरेलाल, कहा- अफसर निकम्मे हैं तो इन्हें बंद कर दो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Fri, 02 Nov 2018 06:01 AM IST
विज्ञापन
air pollution
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ईपीसीए (एनवायरमेंट पॉल्यूशन कंट्रोल अथॉरिटी) के अध्यक्ष डॉ. भूरे लाल बृहस्पतिवार को प्रदूषण रोकने में अफसरों की नाकामी पर नाराज दिखाई दिए। उन्होंने सभी को फटकार लगाते हुए साफतौर पर कहा कि अफसर निकम्मे हैं तो इन्हें बंद कर दो। उन्होंने कहा कि जो भी हैं, उन सभी पर कार्रवाई करो। इसके लिए जीरो टॉलरेंस की पॉलिसी लागू की जाए।
विज्ञापन
डॉ. भूरेलाल बृहस्पतिवार को आनंद विहार बस अड्डे के साथ ही साइट फोर औद्योगिक क्षेत्र साहिबाबाद और मोहननगर औद्योगिक क्षेत्र का औचक निरीक्षण करने पहुंच गए। निरीक्षण के दौरान उन्हें ईदगाह रोड पर तीन स्थानों पर खुले में बिल्डिंग मैटेरियल सड़क किनारे रखा मिला, जिस पर तत्काल 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं, साइट-फोर में एक फैक्ट्री से काला धुआं निकलता पाया गया।
विज्ञापन
डॉ. भूरेलाल ने फैक्ट्री संचालक को नोटिस देकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा कि नियमित रूप से विशेषकर औद्योगिक क्षेत्रों का निरीक्षण करें। सड़कों की स्वीपिंग और ग्रीनरी को बढ़ाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि वायु प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों और कारकों पर सख्ती से लगाम कसें। पानी का छिड़काव हर क्षेत्र में नियमित रूप से सुबह-शाम कराया जाए। समय अवधि पूरी कर चुके वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
उन्होंने मोहन नगर औद्योगिक क्षेत्र का निरीक्षण किया। कौशांबी में सड़कों पर खड़ी बसों को देखकर रोडवेज अधिकारियों से कहा कि निगम की बसों को अड्डे के अंदर खड़ा किया जाए। पुलिस के अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि कोई वाहन रोड पर बस अड्डे के पास स्टार्ट होने के बाद खड़ा पाया जाए तो उसे तत्काल सीज करें। उन्होंने करीब दो घंटे तक निरीक्षण किया। उनके साथ एडीएम सिटी हिमांशु गौतम, एसीएम प्रशांत तिवारी, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एके तिवारी, अवर अभियंता विनीत पांडेय समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
प्राइवेट वाहनों का प्रयोग कम करे जनता : डॉ. भूरेलाल
डॉ. भूरेलाल ने कहा कि प्रदूषण का एक कारण बढ़ रहे वाहनों की संख्या भी है। वायु प्रदूषण बढ़ाने में वाहनों का करीब 40 फीसदी योगदान है। लोगों से अपील है कि जब तक वायु प्रदूषण के स्तर में सुधार नहीं होता, तब तक सार्वजनिक वाहनों का प्रयोग करें। प्रदूषण फैलाने फैक्ट्रियों और कंस्ट्रक्शन वर्क पर 10 नवंबर तक रोक है। यदि तब भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो आगे भी यह आदेश प्रभावी रहेगा।