कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में प्रवेश शुल्क लगाने की सुगबुगाहट
-घंटों वक्त बिताने वालों को भुगतना होगा खामियाजा
-पार्किंग की नई व्यवस्था पर पहले से जारी है विरोध
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कनॉट प्लेस में आकर्षण के केंद्र सेंट्रल पार्क में प्रवेश के लिए नई दिल्ली पालिका परिषद (एनडीएमसी) कुछ पाबंदी लगाने पर विचार कर रहा है। दरअसल, इस पार्क में सैर या विश्राम करने वालों में अधिकतर प्रेमी जोड़ों के घंटों बैठने और शाम के वक्त घूमने वाले नशेड़ियों पर शिकंजा कसने के लिए इस दिशा में पहल करने पर विचार किया जा रहा है। पार्क में प्रवेश पर किसी तरह की पाबंदी का असर अगर आम जनता की जेब पर पड़ता है, तो एनडीएमसी को एक बार फिर लोगों के विरोध का सामना करना पड़ सकता है। सार्वजनिक स्थल पर अगर इस आधार पर टिकट का प्रावधान किया जाता है, तो इससे कनॉट प्लेस के लिए आकर्षण कम होगा।
लोगों की दलील है कि अगर सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा या वहां प्रवेश करने वालों के बर्ताव पर किसी तरह की पाबंदी लगाई जाती है, तो इसका खामियाजा शुल्क के तौर पर आम लोग क्यों भुगतें। एनडीएमसी अधिकारियों की तमाम कोशिशों के बावजूद कनॉट प्लेस की इनर सर्किल पर वाहनों पर पाबंदी लगाने के लिए नई व्यवस्था लागू करने से पहले ही एनडीएमसी और कारोबारियों के बीच अभी भी गतिरोध जारी है। इस कारण रविवार को दूसरी बार होने वाला ट्रायल स्थगित कर दिया गया। अब राजस्व बढ़ाने के लिए एनडीएमसी सेंट्रल पार्क को नए स्त्रोत के तौर पर देखने लगी। हालांकि सेंट्रल पार्क में प्रवेश करने वालों की गतिविधियों पर शिकंजा कसने के लिए टिकट या पास के किसी तरह के प्रावधान लागू करने के लिए सभी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है। अगर, ऐसी व्यवस्था लागू होती है तो नई दिल्ली क्षेत्र का पहला ऐसा पार्क होगा जहां देखने के लिए कुछ खास न होने के बावजूद टिकट का प्रावधान होगा।
गतिरोध के कारण स्थगित किया ट्रायल
पैदल चलने वालों की सहूलियत के लिहाज से कनॉट प्लेस की इनर सर्किल में वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी लगाने के लिए नई व्यवस्था के विरोध के बाद रविवार को होने वाले ट्रायल स्थगित कर दिया गया। वाहनों के कारण होने वाले प्रदूषण पर शिकंजा कसने और पैदल चलने वालों के लिए कनॉट प्लेस को और सुलभ बनाने की इस पहल के खिलाफ कारोबारी पहले ही लामबंद हो चुके है। हालांकि एनडीएमसी की भी पूरी कोशिश है कि नई व्यव्स्था को जल्द से जल्द लागू किया जाए।