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झूठा केस दर्ज करने पर, थाना प्रभारी हुए सस्पेंड

Wed, 03 Dec 2014 10:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Wed, 03 Dec 2014 10:03 PM IST
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entering false case, the police station officer suspended.

एक महिला के खिलाफ अपने ही बेटे के अपहरण का मामला दर्ज करने वाले सेक्टर-40 थाना प्रभारी को पुलिस आयुक्त ने बुधवार को सस्पेंड कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी इंस्पेक्टर ने महिला के पूर्व पति के साथ मिलकर पूरी साजिश को अंजाम दिया। पुलिस जांच में मामला खुलने के बाद उन्होंने कार्रवाई के आदेश दिए।

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29 जुलाई को सेक्टर-40 थाना पुलिस में एक निजी क्षेत्र के बैंक के कॉरपोरेट ऑफिस में कार्यरत महाप्रबंधक मयंक भार्गव ने अपनी पूर्व पत्नी पर ही उसके नौ वर्षीय बेटे के अपहरण का आरोप लगाया था। इसके बाद थाना प्रभारी इंस्पेक्टर जयप्रकाश ने भार्गव के  साथ मिलकर झूठा अपहरण का मामला दर्ज कर दिया था। मामले का खुलासा उस वक्त हुआ जब महिला ने एसीपी सदर से मामले की शिकायत की। जांच में पता चला कि महिला के पूर्व पति ने कोर्ट में चल रहे बच्चे की परवरिश के मामले में महिला को परेशान करने के लिए यह साजिश रची है। जांच के बाद एसीपी ने एफआईआर दर्ज रद्द करने के लिखित आदेश जारी कर दिए थे। लेकिन आरोप है कि इंस्पेक्टर ने एफआईआर रद्द नहीं की।
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इस मामले की जांच बाद में डीसीपी ईस्ट ने भी की। उनके आदेश के बावजूद भी थाना प्रभारी ने एफआईआर रद्द नहीं की। दो दिन पहले महिला पुलिस आयुक्त नवदीप सिंह विर्क के पास पहुंची।
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मामले में पूर्व पति के साथ मिलीभगत की बात सामने आने के बाद पुलिस आयुक्त ने आरोपी इंस्पेक्टर जयप्रकाश को निलंबित कर दिया। बताया जा रहा है पुलिस की रिपोर्ट में आरोपी इंस्पेक्टर के खिलाफ 22 नवंबर को एसीपी क्राइम उषा कुंडू की जांच रिपोर्ट को भी नहीं मानने का आरोप लग चुका है। हालांकि अभी तक पुलिस की तरफ से महिला के पूर्व पति के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।


‘शुक्रिया अदा करती हूं सीपी साहब का’
गुड़गांव। एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करने वाली 37 वर्षीय महिला ने पुलिस कमिश्नर की कार्रवाई के बाद खुशी जताई। ‘अमर उजाला’ से बातचीत के दौरान महिला भावुक हो गई। उसने बताया कि तलाक के बाद जुलाई में उसके बेटे की परवरिश को लेकर कोर्ट ने पति के खिलाफ समन जारी किया था। लेकिन पति ने ऊंची पहुंच का फायदा उठाते हुए आरोपी इंस्पेक्टर के साथ मिलकर अगस्त में उसके ही खिलाफ बेटे के अपहरण का झूठा मामला दर्ज करा दिया। मैं पुलिस कमिशभनर साहब का शुक्रिया अदा करती हूं कि उन्होंने मुझे इंसाफ दिलाया।

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