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जंगपुरा के डलाव घरों में कूड़ा न फेंका जाना करें सुनिश्चित: एनजीटी
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-एनजीटी ने 15 अक्तूबर तक स्थिति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया, सुनवाई स्थगित
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को जंगपुरा के डलाव घरों में कूड़ा फेंका जाने से रोकने को सुनिश्चित करने का आखिरी मौका दिया है। एनजीटी ने कहा कि एमसीडी मध्य जिला सहायक आयुक्त की जिम्मेदारी है कि वह सुनिश्चित करें कि डलाव घरों पर तैनात किए गए कर्मचारी ईमानदारी से ड्यूटी करें। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष एमसीडी ने एनजीटी के पूर्व आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए आखिरी मौका दिए जाने का अनुरोध किया।
एनजीटी ने अनुरोध को स्वीकार कर लिया। साथ ही एमसीडी को 15 अक्तूबर तक स्थिति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश देते हुए सुनवाई स्थगित कर दी। सुनवाई के दौरान एमसीडी ने एनजीटी को बताया कि कर्मचारियों की नियुक्ति के संबंध में मई 2025 में आदेश दिए गया था। साथ ही, कर्मचारियों की डलाव घरों के लिए तैनाती की गई थी। पूर्व में दाखिल रिपोर्ट में एमसीडी ने डलाव घरों को बंद करने का दावा किया था। वहीं, स्थानीय निवासियों ने आवेदन में कहा है कि डलाव घर में कूड़ा फेंका जा रहा है। इस संबंध में तस्वीर भी एनजीटी के समक्ष पेश की गई थी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को जंगपुरा के डलाव घरों में कूड़ा फेंका जाने से रोकने को सुनिश्चित करने का आखिरी मौका दिया है। एनजीटी ने कहा कि एमसीडी मध्य जिला सहायक आयुक्त की जिम्मेदारी है कि वह सुनिश्चित करें कि डलाव घरों पर तैनात किए गए कर्मचारी ईमानदारी से ड्यूटी करें। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष एमसीडी ने एनजीटी के पूर्व आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए आखिरी मौका दिए जाने का अनुरोध किया।
एनजीटी ने अनुरोध को स्वीकार कर लिया। साथ ही एमसीडी को 15 अक्तूबर तक स्थिति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश देते हुए सुनवाई स्थगित कर दी। सुनवाई के दौरान एमसीडी ने एनजीटी को बताया कि कर्मचारियों की नियुक्ति के संबंध में मई 2025 में आदेश दिए गया था। साथ ही, कर्मचारियों की डलाव घरों के लिए तैनाती की गई थी। पूर्व में दाखिल रिपोर्ट में एमसीडी ने डलाव घरों को बंद करने का दावा किया था। वहीं, स्थानीय निवासियों ने आवेदन में कहा है कि डलाव घर में कूड़ा फेंका जा रहा है। इस संबंध में तस्वीर भी एनजीटी के समक्ष पेश की गई थी।
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