दिल्लीः दिवाली की रात एक साथ तीन बच्चों ने तोड़ा दम, आज से डॉक्टरों के खिलाफ जांच
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सूत्र बताते हैं कि इस मामले में डॉक्टरों के खिलाफ सबूत जुटा पाना कमेटी के लिए इतना आसान नहीं है। कहा जा रहा है कि डॉक्टरों ने पिछले दो दिन में अपने बचाव के लिए लगभग तमाम सबूत जुटा लिए हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि उपचार में किसी भी तरह की लापरवाही नही हुई है। नवजात की मौतें गर्भ में हुई थीं। बहरहाल, पूरी घटना को लेकर अस्पताल के डॉक्टरों में भी गुस्सा बढ़ चुका है। कहा जा रहा है कि सोमवार को कमेटी की कार्रवाई शुरू होने के दौरान ही डॉक्टर भी हड़ताल की घोषणा कर सकते हैं।
रिपोर्ट के बाद आएगी सच्चाई
ऐसा होता है तो एमसीडी के अस्पतालों में मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। बता दें कि दिवाली की रात तीन नवजातों की मौत के बाद अस्पताल में परिजनों ने जमकर हंगामा किया था, जिसकी जानकारी एमसीडी प्रशासन को मिलने के बाद 20 अक्तूबर को अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक सहित दो डॉक्टरों को निलंबित कर दिया गया था।
साथ ही मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी भी गठित कर दी है, जो कि बुधवार शाम तक अपनी रिपोर्ट एमसीडी को सौंपने वाली है। उत्तरी एमसीडी के अधिकारी डॉ. डीके सेठ का कहना है कि प्रारंभिक तौर पर जो चीजें सामने आई हैं, उसके आधार पर ही एमसीडी कमिश्नर ने संज्ञान लिया है।
हालांकि पूरे मामले का जांच रिपोर्ट आने के बाद ही खुलासा हो सकेगा। दूसरी तरफ एमसीडी प्रशासन में ये भी चर्चा है कि अगर परिजनों कोजांच पर किसी भी तरह का ऐतराज होता है तो संभव है कि एमसीडी स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से मामले की जांच कराए।