Engineer Rashid: इंजीनियर राशिद को कोर्ट में मिली बड़ी राहत, जम्मू-कश्मीर चुनाव प्रचार में दिखा सकेंगे दम
बता दें कि अब्दुल रशीद उर्फ इंजीनियर रशीद वर्तमान में आतंकी फंडिंग के मामले में यूएपीए के तहत दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं। वह अवामी इत्तेहाद पार्टी के अध्यक्ष हैं। वह दो बार विधायक रह चुके हैं।
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पटियाला हाउस कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर के बारामुल्ला निर्वाचन क्षेत्र से सांसद इंजीनियर राशिद को 2 अक्टूबर तक अंतरिम जमानत प्रदान कर दी। रशीद ने 18, 25 सितंबर और 1 अक्टूबर को होने वाले आगामी जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों में प्रचार करने के लिए अंतरिम जमानत की मांग करते हुए अदालत का रुख किया था। 18 सितंबर को कश्मीर में पहले चरण के मतदान से कुछ दिन पहले जमानत मिली है। राशिद के भाई चुनाव लड़ रहे हैं।
इंजीनियर राशिद बारामुल्ला निर्वाचन क्षेत्र से सांसद हैं। उनके भाई खुर्शीद अहमद अवामी इत्तिहाद पार्टी (एआईपी) के उम्मीदवार के रूप में उत्तरी कश्मीर की लंगेट सीट से जम्मू और कश्मीर विधानसभा चुनाव 2024 लड़ रहे हैं। उमर अब्दुल्ला के खिलाफ लोकसभा चुनाव जीतने से पहले राशिद इस सीट से दो बार विधायक रह चुके हैं।
राशिद 2017 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा 2017 के आतंकी फंडिंग मामले में कड़े गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किए जाने के बाद 2019 से दिल्ली की तिहाड़ जेल में है।
उनका नाम कश्मीरी व्यवसायी जहूर वटाली की जांच के दौरान सामने आया था, जिसे एनआईए ने कश्मीर में आतंकवादी समूहों और अलगाववादियों को कथित रूप से धन मुहैया कराने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
एजेंसी ने मामले में कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक, लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद और हिजबुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन सहित कई लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। मलिक को आरोपों में दोषी ठहराए जाने के बाद 2022 में एक ट्रायल कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
इस साल की शुरुआत में बारामुल्ला लोकसभा क्षेत्र से राशिद ने पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला को हराया था। उन्होंने 2008 और 2014 के जम्मू-कश्मीर चुनावों में लंगेट विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल की थी। उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव में हार का सामना किया। रशीद अवामी इत्तेहाद पार्टी का नेतृत्व करते हैं, लेकिन उन्होंने ये चुनाव निर्दलीय के रूप में लड़ा था।
महबूबा ने बताया भाजपा का प्रतिनिधि
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने एक दिन पहले ही सांसद शेख अब्दुल रशीद (इंजी रशीद) की अवामी इत्तेहाद पार्टी (एआईपी) पर भाजपा की प्रतिनिधि होने का आरोप लगाया। उनकी यह टिप्पणी शोपियां से पीडीपी उम्मीदवार यावर शफी बांडे के बालपोरा इलाके में एआईपी के कार्यकर्ताओं के कथित हमले में घायल होने के एक दिन बाद आई। पीडीपी प्रमुख ने सवाल किया कि जब एआईपी के प्रमुख रशीद सलाखों के पीछे हैं, तो वे संसाधनों और उम्मीदवारों का प्रबंध कैसे कर रहे हैं। पीडीपी संस्थापक मुफ्ती मोहम्मद सईद को पार्टी बनाने में 50 साल लग गए, हमारे पास अभी भी हर जगह उम्मीदवार उतारने के लिए संसाधन नहीं हैं। इंजी. रशीद के संगठन के पीछे कौन है, क्योंकि उनके उम्मीदवार हर जगह खड़े हैं, फंडिंग कहां से आ रही है। उन्हें गुंडागर्दी करने की इतनी हिम्मत कहां से मिल रही है।
केंद्र पर भी बोला हमला
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सरकार एआईपी जैसी नई प्रॉक्सी पार्टियां लेकर आई है। उन्होंने कहा, मैं सरकार से पूछना चाहती हूं कि जब आपकी सभी प्रॉक्सी पार्टियां विफल हो गई हैं, तो आप इंजीनियर रशीद की पार्टी को फिर से सामने ला रहे हैं और उन्हें पूरा पैसा और हर तरह से समर्थन दे रहे हैं। हमें साफ-साफ बता दें कि अन्य पार्टियों को चुनाव लड़ने की जरूरत नहीं है।