{"_id":"5d4df1c78ebc3e6ce212b4aa","slug":"emt-and-driver-performed-delivered-delivery-in-ambulance-both-to-be-honored","type":"story","status":"publish","title_hn":"नोएडा : एंबुलेंस में ईएमटी और चालक ने कराई डिलीवरी, दोनों होंगे सम्मानित ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नोएडा : एंबुलेंस में ईएमटी और चालक ने कराई डिलीवरी, दोनों होंगे सम्मानित
Sat, 10 Aug 2019 03:50 AM IST
दुष्यंत शर्मा
नेहा शर्मा, नोएडा
नेहा शर्मा, नोएडा
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 10 Aug 2019 03:50 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला अस्पताल में 108 एंबुलेंस के दो इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) और दो ड्राइवरों की मदद से दो महिलाओं की जान बच गई। वे गर्भवती महिलाओं को एंबुलेंस के लिए जरिये अस्पताल लेकर आ रहे थे, उसी दौरान रास्ते में प्रसव पीड़ा बढ़ गई।
विज्ञापन
महिलाएं दर्द से कराह रही थीं, तभी टेक्नीशियन और ड्राइवरों ने दोनों की डिलीवरी करवाई। जिले में एंबुलेंस प्रभारी मोहम्मद अरशद ने बताया कि दोनों मामलों में जच्चा-बच्चा स्वस्थ हैं। डिलीवरी के बाद अस्पताल में इनको भर्ती कराया गया है।
विज्ञापन
विभाग दोनों ईएमटी और दोनों ड्राइवरों को सम्मानित करेगा। एंबुलेंस संचालकों का कहना है कि कभी-कभी ऐसी परिस्थिति आ जाती है, जब डिलीवरी करवानी पड़ जाती है। पिछले एक महीने में 15 डिलीवरी एंबुलेंस में हो चुकी है।
विज्ञापन
पहला मामला
फेज-2 स्थित नंगला चरणदास में रहने वाली 22 वर्षीय शीला को प्रसव पीड़ा होने पर परिवार वालों ने 108 एंबुलेंस बुलाई। 12 मिनट में एंबुलेंस शीला को लेने घर पहुंच गई थी। अस्पताल आते वक्त शीला प्रसव पीड़ा से कराह रही थी। ऐसे में इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन और ड्राइवर को गाड़ी रोड के साइड में लगाकर गर्भवती महिला की डिलीवरी करवानी पड़ी। ड्राइवर राहुल और ईएमटी अमित की सूझबूझ से मां और बच्चे की जान बच सकी।
दूसरा मामला
भारती कॉलोनी सूरजपुर में रहने वाली सोनी के परिजनों ने भी प्रसव पीड़ा होने पर 108 एंबुलेंस बुलाई थी। 15 मिनट में एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई। ईएमटी कुंवरपाल सिंह ने एंबुलेंस में महिला को बिठाया और अस्पताल की ओर चला। इस दौरान महिला प्रसव पीड़ा से कराह रही थी। ऐसे में ड्राइवर नरेन्द्र कुमार और ईएमटी कुंवरपाल सिंह ने सड़क किनारे एंबुलेंस रोककर डिलीवरी कराई। दोनों की सूझबूझ से मां और बच्चे की जान बच गई।
एंबुलेंस की सुविधा में जिले को पहला स्थान
एंबुलेंस प्रभारी मोहम्मद अरशद ने बताया कि 102 और 108 एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराने के मामले में प्रदेश में जिले को पहला स्थान मिला है। 102 एंबुलेंस गर्भवती महिलाओं को उपलब्ध कराई जाती है। वहीं 108 एंबुलेंस एक्सीडेंट या अन्य मामले में बुलाई जा सकती है।