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ऑटो गियर कंपनी बंद होने पर भड़के कर्मचारी, किया हंगामा
Tue, 09 Jun 2020 03:24 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
माई सिटी रिपोर्टर, साहिबाबाद
माई सिटी रिपोर्टर, साहिबाबाद
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Tue, 09 Jun 2020 03:24 PM IST
सार
- नारेबाजी कर रहे कर्मचारियों को पुलिस ने लाठी फटकार कर हटाया
- उप-श्रमायुक्त कार्यालय में 10 जून को होगी प्रबंधन और कर्मचारियों की बैठक
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विरोध-प्रदर्शन करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
साइट-4 स्थित ट्रैक्टर, ऑटो समेत अन्य वाहनों के गियर बॉक्स बनाने वाली ऑटो गियर प्राइवेट लिमिटेड के काम बंद करने पर सोमवार को 300 कर्मचारियों ने कंपनी के बाहर हंगामा किया। अचानक नोटिस लगाने से कर्मचारियों में गुस्सा है। सीआईटीयू के नेतृत्व में कर्मचारियों ने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। लिंक रोड पुलिस ने कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया और लाठी फटकार कर उन्हें हटाया। करीब दो घंटे तक प्रदर्शन चला। उधर, सीआईटीयू ने मामले में उप-श्रमायुक्त से शिकायत की है।
सीआईटीयू के अध्यक्ष ईश्वर त्यागी ने बताया कि प्रबंधन ने रविवार को कंपनी का गेट बंद कर ले-ऑफ का नोटिस चस्पा किया था। सोमवार को कंपनी के गेट पर ही मजदूरों को ड्यूटी से जाने से रोका गया। इस पर कर्मचारियों ने कारण पूछा तो गार्ड ने ले-ऑफ का नोटिस लगे होने की जानकारी दी।
कर्मचारियों ने प्रबंधन से मामले में वार्ता का प्रयास किया लेकिन कंपनी में मैनेजमेंट के लोगों से वार्ता नहीं हो सकी। इस पर यूनियन व कर्मचारियों का गुस्सा भड़क गया। कर्मचारियों ने कंपनी के गेट पर नारेबाजी शुरू कर दी। ईश्वर त्यागी के मुताबिक, ऑटो गियर्स कंपनी ने अचानक कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के बीच 300 मजदूरों को बेरोजगार बना दिया। आरोप है कि मजदूरों को पहले ही अप्रैल और मई का वेतन भी नहीं दिया गया है। उन्होंने बताया कि श्रम विभाग से मामले की शिकायत कर कार्रवाई की मांग की गई है। इस दौरान सीआईटीयू के महासचिव जेपी शुक्ला, एरिया सचिव जीएस तिवारी मौजूद रहे।
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उप-श्रमायुक्त ने दोनों पक्षों को किया तलब
शिकायत पर उप-श्रमायुक्त राजेश मिश्रा ने कंपनी प्रबंधन और कर्मचारी यूनियन के दो-दो पदाधिकारियों को 10 जून यानी बुधवार दोपहर 12 बजे तलब किया है। डीएलसी राजेश मिश्रा का कहना है कि प्रबंधन से ले-ऑफ का कारण समेत अन्य प्रमुख जानकारियां देने व श्रमिकों की समस्या व सैलरी संबंधित मुद्दों पर वार्ता के लिए बुलाया गया है। विभाग की ओर से पूरे मामले में वार्ता के बाद जांच कर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि श्रम विभाग मजदूरों के भविष्य को लेकर पहले गंभीर है।
साइट-4 की सभी एमएसएमई कंपनियों की निगरानी शुरू
सीआइटीयू के पदाधिकारी का कहना है कि साहिबाबाद साइट-4 में एमएसएमई सेक्टर की कई कंपनियों में मजदूरों के भविष्य को लेकर संकट गहरा सकता है। कई कंपनियों में सैलरी को लेकर श्रमिक परेशान हैं। उन्होंने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र की एक कंपनी ने अभी अपने कुछ कर्मचारियों को कुछ समय के लिए रोका हुआ है।
10 जून को वह कर्मचारी भी सैलरी और रोजगार से संबंधित विकट समस्या का समाधान न होने पर सड़क पर आ सकते हैं। हालांकि, कर्मचारी यूनियन की कंपनी प्रबंधकों से वार्ता चल रही है। उन्होंने बताया कि सीआईटीयू ने एमएसएमई सेक्टर की सभी कंपनियों पर नजर बनाए रखने के लिए योजना तैयार कर ली है।
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सीआईटीयू के अध्यक्ष ईश्वर त्यागी ने बताया कि प्रबंधन ने रविवार को कंपनी का गेट बंद कर ले-ऑफ का नोटिस चस्पा किया था। सोमवार को कंपनी के गेट पर ही मजदूरों को ड्यूटी से जाने से रोका गया। इस पर कर्मचारियों ने कारण पूछा तो गार्ड ने ले-ऑफ का नोटिस लगे होने की जानकारी दी।
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कर्मचारियों ने प्रबंधन से मामले में वार्ता का प्रयास किया लेकिन कंपनी में मैनेजमेंट के लोगों से वार्ता नहीं हो सकी। इस पर यूनियन व कर्मचारियों का गुस्सा भड़क गया। कर्मचारियों ने कंपनी के गेट पर नारेबाजी शुरू कर दी। ईश्वर त्यागी के मुताबिक, ऑटो गियर्स कंपनी ने अचानक कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के बीच 300 मजदूरों को बेरोजगार बना दिया। आरोप है कि मजदूरों को पहले ही अप्रैल और मई का वेतन भी नहीं दिया गया है। उन्होंने बताया कि श्रम विभाग से मामले की शिकायत कर कार्रवाई की मांग की गई है। इस दौरान सीआईटीयू के महासचिव जेपी शुक्ला, एरिया सचिव जीएस तिवारी मौजूद रहे।
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उप-श्रमायुक्त ने दोनों पक्षों को किया तलब
शिकायत पर उप-श्रमायुक्त राजेश मिश्रा ने कंपनी प्रबंधन और कर्मचारी यूनियन के दो-दो पदाधिकारियों को 10 जून यानी बुधवार दोपहर 12 बजे तलब किया है। डीएलसी राजेश मिश्रा का कहना है कि प्रबंधन से ले-ऑफ का कारण समेत अन्य प्रमुख जानकारियां देने व श्रमिकों की समस्या व सैलरी संबंधित मुद्दों पर वार्ता के लिए बुलाया गया है। विभाग की ओर से पूरे मामले में वार्ता के बाद जांच कर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि श्रम विभाग मजदूरों के भविष्य को लेकर पहले गंभीर है।
साइट-4 की सभी एमएसएमई कंपनियों की निगरानी शुरू
सीआइटीयू के पदाधिकारी का कहना है कि साहिबाबाद साइट-4 में एमएसएमई सेक्टर की कई कंपनियों में मजदूरों के भविष्य को लेकर संकट गहरा सकता है। कई कंपनियों में सैलरी को लेकर श्रमिक परेशान हैं। उन्होंने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र की एक कंपनी ने अभी अपने कुछ कर्मचारियों को कुछ समय के लिए रोका हुआ है।
10 जून को वह कर्मचारी भी सैलरी और रोजगार से संबंधित विकट समस्या का समाधान न होने पर सड़क पर आ सकते हैं। हालांकि, कर्मचारी यूनियन की कंपनी प्रबंधकों से वार्ता चल रही है। उन्होंने बताया कि सीआईटीयू ने एमएसएमई सेक्टर की सभी कंपनियों पर नजर बनाए रखने के लिए योजना तैयार कर ली है।