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डीयू : यूजी कोर्सेज के पाठ्यक्रम में प्रैक्टिकल पर ज्यादा जोर
Wed, 03 Apr 2019 12:06 AM IST
राजेश सैनी
रश्मि शर्मा, नई दिल्ली
रश्मि शर्मा, नई दिल्ली
Published by: राजेश सैनी
Updated Wed, 03 Apr 2019 12:06 AM IST
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दिल्ली विश्वविद्यालय
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दिल्ली विश्वविद्यालय में स्नातक कोर्सेज के पाठ्यक्रम में अब प्रैक्टिकल पहले से ज्यादा होंगे। प्रत्येक पेपर और यूनिट के अंदर प्रैक्टिकल का इनपुट रहेगा। इसमें केस स्टडी और फील्ड आदि भी शामिल होंगे। इसे यूजीसी के लर्निंग आउटकम बेस्ट फ्रेमवर्क के तहत ही हिस्सा बनाया जा रहा है। साथ ही बहुविकल्पीय प्रश्न, दीर्घ प्रश्न और लघु प्रश्नों को भी शामिल किया जा रहा है।
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उल्लेखनीय है कि डीयू में स्नातक कोर्सेज (च्वाइस बेस्ट क्रेडिट सिस्टम) पाठ्यक्रम में बदलाव किए जा रहे हैं। यह बदलाव यूजीसी के लर्निंग आउटकम बेस्ट फ्रेमवर्क के आधार पर ही होंगे। डीयू के बदले जा रहे पाठ्यक्रम को सात लाख बच्चे पढ़ेंगे। इस बदलाव के लिए एक कमेटी बनाई गई है। कमेटी से जुड़े अधिकारियों के अनुसार बदलाव किए जा रहे पाठ्यक्रम को शैक्षणिक सत्र 2019-20 से पढ़ाया जाना है।
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77 प्रोग्राम में बदलाव करने की प्रक्रिया शुरू
डीयू के 77 प्रोग्राम में बदलाव करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस बदलाव की प्रक्रिया को लगभग 4500 शिक्षक अंजाम देंगे। एक अधिकारी ने कहा कि वर्तमान समय में जिस तरह से शिक्षा में बदलाव हो रहे हैं, उसके लिए जरूरी है कि छात्रों को थ्योरी के साथ-साथ ज्यादा प्रैक्टिकल ज्ञान भी दिया जाए।
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खास कर व्यवहारिक ज्ञान की ज्यादा जरूरत है। ऐसे मेें पाठ्यक्रम के प्रत्येक पेपर और यूनिट के अंदर प्रैक्टिकल को पहले से ज्यादा शामिल किया जा रहा है। इस तरह से अब तक जो छात्र रट्टा मारकर परीक्षाओं की तैयारी करते थे उनके लिए मुश्किल होगी क्योंकि उनकी व्यवहारिक समझ विकसित नहीं हो पाती है। पाठ्यक्रम में बदलाव के लिए विभिन्न विभागों ने काम करना शुरू कर दिया है।