{"_id":"ca73b87ef122fe8070cbb0082e48273d","slug":"emergency-facility-would-be-upgraded","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब नहीं होंगे परेशान इमरजेंसी सुविधाओं के लिए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब नहीं होंगे परेशान इमरजेंसी सुविधाओं के लिए
अमर उजाला, नोएडा
Updated Sun, 09 Mar 2014 11:14 AM IST
विज्ञापन
नोएडा के जिला अस्पताल में इमरजेंसी सुविधा बेहतर बनाने के लिए अब अस्पताल प्रशासन योजना बना रहा है।
इसके तहत सीएमएस ने स्वास्थ्य विभाग से दो इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर की मांग की है। इसके अलावा शाम को सर्जरी आदि के लिए इमरजेंसी स्टाफ भी बढ़ाने की मांग की जाएगी।
सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल में चार ईएमओ हैं, जिनमें से एक ईएमओ के मेडिकल लीव पर जाने के कारण केवल तीन ईएमओ रहते हैं। इनमें से एक के छुट्टी पर जाने से अस्पताल के किसी विभाग (नेत्र, हड्डी, बाल रोग, त्वचा रोग आदि) के विशेषज्ञ डॉक्टरों को इमरजेंसी ड्यूटी करनी पड़ती है।
यह भी पढ़ें: अब 3 महीने बाद खुलेगी सस्ते घर की राह
विज्ञापन
ऐसे में उस डॉक्टर की ओपीडी प्रभावित होती है। इसके लिए अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरएनपी मिश्रा ने सीएमओ डॉ. आरके गर्ग से दो अन्य ईएमओ की मांग की है।
ब्लड की कमी होने पर करना पड़ता है रेफर
जिला अस्पताल में एक ओर 2 बजे के बाद अक्सर इमरजेंसी में डॉक्टरों और स्टाफ की कमी हो जाती है। वहीं दूसरी ओर आपातकालीन सर्जरी या किसी मरीज में ब्लड की कमी होने पर उसको रेफर करना पड़ता है। इसके लिए सीएमएस ने बताया कि प्राधिकरण से अस्पताल में सुबह कार्यरत स्टाफ की तरह एक दो यूनिट स्टाफ की मांग की जाएगी। इसमें सर्जन, डॉक्टर, टेक्नीशियन, स्टाफ नर्स, वार्ड ब्वॉय आदि होंगे।
विज्ञापन
इसके तहत सीएमएस ने स्वास्थ्य विभाग से दो इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर की मांग की है। इसके अलावा शाम को सर्जरी आदि के लिए इमरजेंसी स्टाफ भी बढ़ाने की मांग की जाएगी।
सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल में चार ईएमओ हैं, जिनमें से एक ईएमओ के मेडिकल लीव पर जाने के कारण केवल तीन ईएमओ रहते हैं। इनमें से एक के छुट्टी पर जाने से अस्पताल के किसी विभाग (नेत्र, हड्डी, बाल रोग, त्वचा रोग आदि) के विशेषज्ञ डॉक्टरों को इमरजेंसी ड्यूटी करनी पड़ती है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: अब 3 महीने बाद खुलेगी सस्ते घर की राह
विज्ञापन
ऐसे में उस डॉक्टर की ओपीडी प्रभावित होती है। इसके लिए अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरएनपी मिश्रा ने सीएमओ डॉ. आरके गर्ग से दो अन्य ईएमओ की मांग की है।
ब्लड की कमी होने पर करना पड़ता है रेफर
जिला अस्पताल में एक ओर 2 बजे के बाद अक्सर इमरजेंसी में डॉक्टरों और स्टाफ की कमी हो जाती है। वहीं दूसरी ओर आपातकालीन सर्जरी या किसी मरीज में ब्लड की कमी होने पर उसको रेफर करना पड़ता है। इसके लिए सीएमएस ने बताया कि प्राधिकरण से अस्पताल में सुबह कार्यरत स्टाफ की तरह एक दो यूनिट स्टाफ की मांग की जाएगी। इसमें सर्जन, डॉक्टर, टेक्नीशियन, स्टाफ नर्स, वार्ड ब्वॉय आदि होंगे।