मनचलों से सर झुकाकर बचा रही हैं इज्जत
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लंबे बाल, आंखों पर चश्मा और फर्राटा भरती बाइक। कभी लड़कियों पर फब्तियां कसना तो कभी समूह में चल रही लड़कियों के पीछे बाइक ले जा अचानक तेज हॉर्न बजाकर उन्हें डराना।
दोपहर होते ही स्कूलों के बाहर टकटकी लगाए बैठे मनचलों का झुंड छुट्टी का इंतजार करता है। डरी-सहमी छात्राएं नजर नीचे झुकाए किसी तरह इनसे बचकर घर पहुंचती हैं।
शहर के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल की छात्राएं रोजाना इन हालातों का सामना करती हैं। इसीलिए अब स्कूल प्रशासन ने एसडीएम, जिला उपायुक्त और थाना प्रभारी को पत्र लिखकर मनचलों पर नकेल कसने की मांग की है।
यह भी है इनका दूसरा डर
इस स्कूल में करीब चार हजार लड़कियां अलग-अलग जगहों से यहां पढ़ने आती हैं, लेकिन स्कूल आना उनके लिए किसी जोखिम से कम नहीं है। छात्राओं पर रोजाना फब्तियां कसना आम बात हो गई है।
लड़कियों के सामने लाचारी इस बात की रहती है कि आखिर मनचलों की शिकायत करें तो किससे। पुलिस नदारद होती है। वहीं परिवार वालों की बेबसी यह है कि कई बार शिकायत करने के बाद भी पुलिस ने स्कूलों के बाहर सुरक्षा मुहैया कराने में दिलचस्पी नहीं दिखाई।
छात्राओं के मुताबिक लड़के गंदी नजरों से देखते हैं। कमेंट पास करते हैं। घर पर यह बात बताई तो परिजन पढ़ाई छुड़ा देंगे। स्कूल की छुट्टी होते ही मनचले युवक आ जाते हैं।
इनकी वजह से लड़कियां खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं। पुलिस से कई बार इसकी शिकायत की गई, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था नहीं बढ़ाई गई।