{"_id":"d07e963da5ed81652f80e722cccc2422","slug":"electricity-will-be-the-vote-bank-topic-in-elections","type":"story","status":"publish","title_hn":"चुनाव में वोटों पर दिखेगा बिजली बिल का असर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चुनाव में वोटों पर दिखेगा बिजली बिल का असर
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Thu, 13 Mar 2014 01:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस बार लोकसभा चुनाव मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों के लिए बिजली का अधिक बिल सिरदर्द बनेगा। उपभोक्ता इसे चुनावी मुद्दा बनाने वाले हैं, क्योंकि यहां एक-दो नहीं, बल्कि हजारों बिजली उपभोक्ता अधिक बिल से परेशान हैं।
विज्ञापन
ऐसे में नेताजी घर-घर जनसंपर्क में पहुंचेंगे, तो लोग यह मुद्दा उनके सामने उठाएंगे। ज्यादा और गलत बिलों के खिलाफ लोगों ने कई बार प्रदर्शन किया, तो कभी समस्या के समाधान के लिए बिजली अधिकारियों को पत्र लिखे।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें:दो दिन बाद नामांकन, उम्मीदवारों का पता नहीं
विज्ञापन
इस बात को समझते हुए सांसद अवतार भड़ाना ने कुछ समय पहले मुद्दा उठाया, लेकिन समाधान नहीं करवाया। नतीजतन समस्या जस की तस बनी हुई है।
वर्ष 2013 में बिजली मीटर रीडिंग से लेकर बिजली बिल कैश कलेक्शन तक का काम निजी एजेंसी एचईएसएल (हरियाणा एक्स सर्विस मैन लीग) को दिया गया था, तभी से जिले में गलत रीडिंग के कारण गलत बिलों की समस्या बनी हुई है।
यह भी पढ़ें:यहां के लोगों को नहीं मिल रहा पीने का पानी
सेक्टर-21 निवासी सिवनी ने बताया कि जनवरी, 2014 में गलत रीडिंग के कारण 97 हजार का बिजली बिल आया, जबकि सही रीडिंग के बाद केवल आठ हजार रुपये का बिल बना।
बिजली कर्मचारी यूनियन का कहना है कि निगम के पास 54 मीटर रीडर होते हुए भी बिना किसी ठोस कारण के यह काम निजी एजेंसी को सौंपा गया है।