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Delhi: दक्षिण दिल्ली में खत्म होगी बिजली किल्लत, सरकार ने तैयार किया मास्टरप्लान; आधुनिक तकनीक से होगी आपूर्ति
Wed, 23 Jul 2025 03:31 AM IST
दुष्यंत शर्मा
आदित्य पाण्डेय, नई दिल्ली
आदित्य पाण्डेय, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 23 Jul 2025 03:31 AM IST
सार
दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड ने मेहरौली में 220 केवी सब-स्टेशन को करीब 10.26 करोड़ रुपये खर्च कर आधुनिक तकनीकों से लैस करने का निर्णय लिया है। इससे लोगों को बिजली कटौती या वोल्टेज की समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Meta AI
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विस्तार
दिल्ली सरकार ने दक्षिण दिल्ली के लोगों को बिजली कटौती से राहत देने के लिए मास्टर प्लान बनाया है। दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड ने मेहरौली में 220 केवी सब-स्टेशन को करीब 10.26 करोड़ रुपये खर्च कर आधुनिक तकनीकों से लैस करने का निर्णय लिया है। इससे लोगों को बिजली कटौती या वोल्टेज की समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी।
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दिल्ली सरकार के उपक्रम दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड ने मेहरौली में 220 केवी और 66 केवी के सब-स्टेशनों के लिए नए कंट्रोल एंड रिले (सीएंडआर) पैनल लगाने और पूरे सब स्टेशन को ऑटोमेटिक बनाने का काम शुरू किया है। इस प्रोजेक्ट को टर्नकी बेसिस पर पूरा किया जाएगा, जिसमें चुनी गई कंपनी 220 केवी और 66 केवी सीएंडआर पैनल की आपूर्ति, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और सब-स्टेशन ऑटोमेशन का पूरा काम करेगी।
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दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड को बिना किसी अतिरिक्त हस्तक्षेप के तैयार और चालू सब-स्टेशन मिलेगा। इससे समय, लागत और प्रबंधन आसान होगा। इस प्रोजेक्ट पर कुल 10,25,57,511 रुपये खर्च होंगे और बिड सिक्योरिटी के लिए 20,51,150 रुपये जमा करने होंगे।
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9 महीने में पूरा होगा काम
इस प्रोजेक्ट के तहत सब-स्टेशन को पूरी तरह ऑटोमेटिक बनाया जाएगा। इससे बिजली की सप्लाई में छोटी-मोटी खराबियां अपने आप ठीक हो जाएंगी, जिससे बिजली गुल होने की शिकायतें कम होंगी। यह काम लेटर ऑफ अवॉर्ड (एलओए) मिलने के 9 महीने में पूरा होगा।
21 अगस्त तक टेंडर जमा होंगे
दिल्ली सरकार के ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर टेंडर उपलब्ध है। 21 अगस्त तक टेंडर जमा होंगे। टेक्नो-कमर्शियल बिड उसी दिन खोली जाएगी। बोली लगाने वाली कंपनियों को डिजिटल सिग्नेचर के साथ पोर्टल पर रजिस्टर होना जरूरी है। इस प्रोजेक्ट की निगरानी के लिए दो स्वतंत्र मॉनिटर नियुक्त किए गए हैं। यह प्रोजेक्ट दिल्ली की बिजली व्यवस्था को मजबूत करने और लोगों को बेहतर सेवा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण साबित होगा।