बिजली और पानी पर फंसे केजरीवाल, आज कांग्रेस और भाजपा संभालेंगे मोर्चा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली प्रदेश भाजपा ने राजधानी में बिजली और पानी की समुचित सप्लाई सुनिश्चित नहीं होने पर दिल्ली सरकार की कड़ी निंदा की है। उसने इन समस्या के विरोध में सड़कों पर उतरने का ऐलान किया है। इसकी शुरुआत भाजपाई मंगलवार से कर रहे हैं। वे मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे।
प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा कि राजधानी निवासियों को बिजली कटौती के कारण पानी सप्लाई में भी कमी का सामना करना पड़ रहा है। इलाकों में बिजली कटौती के अतिरिक्त वोल्टेज में भी उतार-चढ़ाव हो रहा है।
इस कारण टीवी, रेफ्रीजेरेटर और एयरकंडीशनरों को नुकसान हो रहा है। इस प्रकार के नुकसान की रिपोर्ट वसंत विहार और ग्रेटर कैलाश-एक, आदर्श नगर, मौजपुर, द्वारका मटियाला से करोल बाग, कनॉट प्लेस आदि क्षेत्रों से मिल रही है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का बिजली-पानी संकट की ओर कोई ध्यान नहीं है। उनका पूरा ध्यान अपनी पार्टी के विस्तार पर लगा हुआ है। इस कारण राजधानी निवासियों को उनके हाल पर छोड़कर वह गोवा और पंजाब में व्यस्त हैं। दिल्ली सरकार ने लोगों को बिजली संकट से बचाने की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। इसके चलते उन्होंने दिल्ली सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरने का फैसला किया है।
सीएम आवास पर प्रदर्शन करेगी कांग्रेस
राजधानी में बिजली-पानी किल्लत पर कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की है। इसमें महिला कांग्रेस मंगलवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर पर विरोध प्रदर्शन कर रही है तो 28 मई को कांग्रेस दल-बल के साथ राजघाट से दिल्ली सचिवालय तक शाम को मशाल जुलूस निकालने जा रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन का कहना है कि पंजाब-गोवा की राजनीति के चक्कर में केजरीवाल ने दिल्ली की जनता को बिजली-पानी की दिक्कत में डाला है। संवाददाता सम्मेलन में रणनीति का खुलासा करते हुए माकन ने बताया कि बिजली की औसत मांग 5655 मेगावाट चल रही है ।
जबकि क्षमता 5100-5300 मेगावाट की है। माकन ने कहा है कि बिजली वितरण कंपनी पर सीधे अरविंद केजरीवाल डंडा नहीं चला सकते, ये काम डीईआरसी का है।