दिल्ली रण में काम आएगी चाणक्य की नीति
दिल्ली विधानसभा चुनाव फतह करने में अब भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह खुद माइक्रो मैनेजमेंट में जुट गए हैं।
प्रदेश प्रभारियों को नसीहत देने के बाद अब उन्होंने बूथ अध्यक्षों में जोश भरने की रणनीति तैयार की है। यह पहली बार होगा कि भाजपा का कोई राष्ट्रीय अध्यक्ष बूथ अध्यक्षों के साथ बैठक करे।
‘बूथ जीतो चुनाव जीतो’ की रणनीति को ध्यान में रख अमित शाह ने बूथ अध्यक्षों के साथ बैठक करने का फैसला लिया है। भाजपा के सभी जिलाध्यक्षों को यह फरमान जारी कर दिया गया है कि वे 16-17 जनवरी को अपनी तरफ से तैयारी पूरी करें।
जीत के जादूगर के लिए दिल्ली बनी अहम
भाजपा सूत्रों का कहना है कि शाह दिल्ली के सातों संसदीय क्षेत्र के बूथ अध्यक्षों से स्वयं मिलेंगे। इसके लिए प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में बैठक होगी। बूथ अध्यक्षों के सम्मेलन में प्रत्येक विधानसभा में करीब दो हजार बूथ अध्यक्षों से पार्टी अध्यक्ष मुलाकात करेंगे और उन्हें चुनावी रणनीति से जुड़े टिप्स देंगे।
भाजपा सूत्रों का कहना है कि शाह का पहला फरमान आलस छोड़कर चुनाव जीताने में जुटने को होगा। इसके साथ ही यह भी आदेश देंगे कि भीतर घात करने की कोशिश नहीं करें।
सत्तर लोगों को ही टिकट मिलना है, लिहाजा बगावती तेवर छोड़कर पार्टी जिसे भी प्रत्याशी बनाती है उसे जीताने में जुट जाएं। इसके साथ ही बूथ प्रबंधन, चुनावी रणनीति, आम आदमी पार्टी को बेनकाब करने, मतदाताओं से संपर्क और चुनाव के दिन उन्हें मतदान केंद्र पर पहुंचाने का टिप्स देंगे।