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बिहार और पश्चिम बंगाल में चुनाव नजदीक, चोरी की गाड़ियों की भारी डिमांड, वजह है शराब
Tue, 28 Jul 2020 02:17 AM IST
Vikas Kumar
शुजात आलम, अमर उजाला, नई दिल्ली
शुजात आलम, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 28 Jul 2020 02:17 AM IST
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चोरी की कारें
- फोटो : amar ujala
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पुलिस की पूछताछ में राजीव, हबीबुर और सागर ने खुलासा किया है कि बिहार और पश्चिम बंगाल में चुनाव नजदीक होने के कारण वहां चोरी की गाड़ियों की भारी डिमांड है। प्रत्याशी अपने चुनाव प्रचार के लिए बड़ी लग्जरी गाड़ियों का प्रयोग करते हैं। ऐसे में यह टाटा सफारी, फॉरच्यूनर, इनोवा जैसी महंगी लग्जरी गाड़ियां चोरी कर वहां भेज रहे थे। इन गाड़ियों को बिहार में शराब तस्कर भी इस्तेमाल कर रहे हैं।
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दरअसल यदि शराब तस्करी में गाड़ी पकड़ी जाती तो वह थाने में ही खड़ी सड़ जाती है। ऐसे में सस्ते में खरीदी गई चोरी की गाड़ियों को पकड़े जाने पर ज्यादा नुकसान नहीं होता है। इन गाड़ियों को जल्दी से कोई पुलिसकर्मी जांच के लिए रोकता भी नहीं है। राजीव, हबीबुर और सागर ने खुलासा किया है कि पिछले कुछ दिनों में इनका गैंग 500 से अधिक कारें चोरी कर बिहार, बंगाल व पूर्वोत्तर राज्यों में भेज चुका है।
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आगरा निवासी राजीव ने बताया कि 12वीं पास करने के बाद उसने एक गैराज में काम करना शुरू कर दिया। करीब छह साल पहले उसकी मुलाकात मथुरा के हकीम व अमृतसर के कुख्यात वाहन चोर बब्बी से हुई। उसने उनके साथ मिलकर धंधा शुरू कर दिया। राजीव चोरी की कारों को खरीदकर आगे सप्लाई करने लगा।
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वहीं हबीबुर रहमान की मणिपुर में जुम्मा से मुलाकात हुई। जुम्मा पूर्वोत्तर राज्यों में चोरी के वाहनों का बड़ा सौदागर था। जुम्मा के जरिये हबीबुर की मुलाकात कोलकाता के फराज वर्जी से हुई। फराज ने उसकी मुलाकात यूपी संभल के गुलाम नबी से करवा दी। डील के मुताबिक राजीव दिल्ली एनसीआर से गाड़ियां जुम्मा, फराज को पहुंचाएगा। इसी बीच जुम्मा ने हबीबुर की मुलाकात सागर व राजीव से करवाई।
इस तरह राजीव पंजाब, लखनऊ, संभल, कोलकाता के अलावा पूर्वोत्तर राज्यों में चोरी के वाहन भेजने लगा। लखनऊ में कई मामलों में राजीव की यूपी पुलिस को तलाश है। जुम्मा के इशारे पर सागर और हबीबुर हवाई जहाज से दिल्ली आते और चोरी की कार लेकर कोलकाता या पूर्वोत्तर राज्यों में लौट जाते थे।