चुनाव : गढ़ बचाने में सफल रहे भाजपा विधायक, दिल्ली सरकार के दिग्गज मंत्रियों के इलाकों में भी लगा दी सेंध
उनके क्षेत्र में एंटी इन्कम्बेंसी का असर नहीं दिखा जबकि आम आदमी पार्टी प्रत्याशी अपने विधानसभा क्षेत्र में भी भाजपा से हारे। इतना ही नहीं दिल्ली सरकार के दिग्गज मंत्रियों के गढ़ में भी भाजपा ने सेंध लगा दी।
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भाजपा विधायकों ने अपने गढ़ को बचाए रखने में कामयाबी हासिल की है। उनके क्षेत्र में एंटी इन्कम्बेंसी का असर नहीं दिखा जबकि आम आदमी पार्टी प्रत्याशी अपने विधानसभा क्षेत्र में भी भाजपा से हारे। इतना ही नहीं दिल्ली सरकार के दिग्गज मंत्रियों के गढ़ में भी भाजपा ने सेंध लगा दी। आकड़े बताते हैं कि भाजपा प्रत्याशियों ने उन सब विधानसभा क्षेत्रों में सेंध लगाई जहां आप विधानसभा चुनाव में मजबूत प्रदर्शन करती रही है। राजनीति के जानकारों का कहना है कि भले ही हर बार लोकसभा और विधानसभा का ट्रेंड अलग रहता है, लेकिन आगामी विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की राह भी आसान नहीं होगी। तीन बार की सरकार के खिलाफ एंटीइन्कम्बेंसी का असर दिख सकता है।
लोकसभा चुनाव में भाजपा के सभी सातों प्रत्याशी तो जीते ही साथ ही भाजपा के आठों विधायक भी अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में जीत दर्ज कराने में अहम भूमिका में रहे है। बात करें अगर आप प्रत्याशी सोमनाथ भारती और कुलदीप की तो उन्हें अपने ही विधानसभा क्षेत्र में भाजपा से कम वोट मिले। जबकि दक्षिणी दिल्ली भाजपा से संसद चुने गए विधायक रामवीर सिंह बिधूड़ी एक लाख से अधिक वोट ले गए। इसी तरह करावल नगर विधानसभा के विधायक मोहन सिंह बिष्ट के क्षेत्र में भी भाजपा के पक्ष में एक लाख वोट से ज्यादा पड़े।
उधर कांग्रेस प्रत्याशी कन्हैया के पक्ष में 70 हजार से अधिक वोट पड़ा। रोहिणी विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो यहां से पूर्व नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता हैं। उस क्षेत्र में 75 हजार से अधिक वोट भाजपा के पक्ष में पड़ा, जबकि विपक्षी दल 20 हजार के करीब ही वोट हासिल कर सका। लक्ष्मी नगर विधानसभा क्षेत्र भी पीछे नहीं रहा। यहां कन्हैया कुमार के पक्ष में 46127 से अधिक वोट पड़ा तो मनोज तिवारी को 76087 वोट मिला।
इसी तरह इसी लोकसभा क्षेत्र के विश्वास नगर में कन्हैया को 39102 वहीं मनोज तिवारी को 80016 वोट मिला। गांधी नगर में वोट का अंतर काफी कम रहा। कन्हैया के पक्ष में 43843 तो मनोज तिवारी के पक्ष में 55381 वोट पड़ा। पूर्वी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र के विधानसभा रोहताश नगर में कन्हैंया के पक्ष में 46416 और मनोज तिवारी को 88708 वोट पड़ा। घोंडा विधानसभा में 37083 कन्हैया को वोट मिला तो मनोज तिवारी को 95348 वोट मिला।
हार स्वीकार करे आप : कपूर
प्रदेश भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा है कि जिस पार्टी के तीन प्रमुख चेहरे आतिशी, सौरभ भारद्वाज और कैलाश गहलोत अपनी विधानसभा तक नहीं बचा पाए, जिनके मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने विधानसभा क्षेत्र से मात्र 2200 वोट दिला सके। दो विधायक प्रत्याशी अपना विधानसभा क्षेत्र नहीं बचा पाए। तीसरे अपने बेटे के विधानसभा क्षेत्र में बुरी तरह हार गए। उस पार्टी के नेता किस मुंह से बड़ी बड़ी बयानबाजी कर रहे है।