आज तय होगा AAP का भविष्य
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लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सात सीटों के आज आ रहे परिणाम आम आदमी पार्टी की दिशा व दशा तय करेंगे।
भाजपा को अधिकांश सीटों पर कामयाबी मिली तो उसे मोदी लहर का परिणाम माना जाएगा। लेकिन ‘आप’ के कड़ा मुकाबला करने की स्थिति में दिल्ली के आगामी विधानसभा चुनाव में उसकी चुनौती भाजपा को स्वीकार करनी होगी।
दस अप्रैल को जब लोकसभा चुनाव के लिए वोटिंग हुई तो दिल्ली के मतदाताओं का रुख भांपते हुए अमर उजाला ने बताया था कि मुस्लिम वोटरों के ध्रुवीकरण के चलते ‘आप’ ने कांग्रेस को नुकसान पहुंचाया है और उसका मुख्य मुकाबला भाजपा से है।
तो क्या AAP को मिलेगा ये लाभ?
अब अधिकांश एग्जिट पोल भी भाजपा को पांच व ‘आप’ को दो सीटें मिलने की संभावना जता रहे हैं। करीब सभी सीटों पर मुख्य मुकाबला भाजपा व ‘आप’ के बीच बताया जा रहा है। कांग्रेस तीसरे स्थान पर बताई गई है।
भाजपा की आज इस पर नजर होगी कि ‘आप’ कितने वोट अपनी झोली में डालती है। सरकार से इस्तीफा देने के बाद एलजी द्वारा विधानसभा निलंबित कर देने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गई ‘आप’ को राहत की उम्मीद है।
विधानसभा चुनाव में 28 सीट जीतने वाली ‘आप’ मान कर चल रही है कि दिल्ली में 49 दिन रही अरविंद केजरीवाल सरकार द्वारा किए काम और फैसलों के आधार पर लोकसभा चुनाव में भी पार्टी का वजूद कायम है।
ऐसे गढ़ रहे जीत के आंकड़े
पार्टी के रणनीतिकारों के अनुसार लोकसभा चुनाव में अगर उसे दिल्ली से दो सीटें भी मिल जाती हैं और तीन पर कड़े मुकाबले के साथ उसका वोट प्रतिशत बढ़ता है तो विधानसभा चुनाव जल्द होने पर इसका फायदा उसे मिलेगा।
आज के परिणाम पर भाजपा को सभी सीटों पर जीत की उम्मीद है। लेकिन उसे पता है कि यह जीत मोदी लहर के कारण होगी। जिसका आगामी विधानसभा चुनाव में शायद ऐसा रेस्पॉंस न मिले।
दूसरी ओर कांग्रेस के नेता दबी जुबान से यह स्वीकार कर चुके हैं कि दिल्ली में इस लोकसभा चुनाव में पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले कोई सुधार नहीं आना है।
जानिए क्या है एक्सपर्ट की राय?
राजनैतिक विश्लेषक अभय दुबे का मानना है कि दिल्ली में सात सीटों में से तीन पर ‘आप’ का कब्जा या 31 फीसदी से ज्यादा मिले मत आगामी विधानसभा चुनाव में उसका रास्ता साफ कर देंगे।
ध्यान रखना होगा कि पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रही ‘आप’ पंजाब में भी एक फोर्स बनकर सामने आएगी, हरियाणा में कोई सीट उसे बेशक न मिले, लेकिन उसे अच्छा मत प्रतिशत मिलेगा। संगठित रहकर आगे संगठन फॉर्म कर ‘आप’ अच्छा रिजल्ट ले सकती है।