चुनाव ने लगाया पढ़ाई पर ब्रेक, पढ़ाने से ज्यादा चुनावी ड्यूटी में व्यस्त है शिक्षक
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जिले में 11 फरवरी को होने वाले चुनावों में बड़ी संख्या में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। जिससे स्कूलों में शिक्षण प्रभावित हो रहा है। मार्च में स्कूलों की वार्षिक परीक्षा प्रस्तावित है ऐेसे में बचे हुए शिक्षकों के लिए कोर्स पूरा कराना भी चुनौती बन गया है।
विधानसभा चुनाव के लिए जिले के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसमें बड़ी संख्या में सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों के शिक्षक भी शामिल हैं। बीएलओ के साथ ही अन्य कार्यों में भी अध्यापकों की ड्यूटी लगाई गई है।
कई स्कूल तो ऐसे हैं जहां केवल एक ही प्रधानाध्यापक बचे हैं जिनकी ड्यूटी नहीं लगाई गई है, बाकी सभी अध्यापक चुनावी ड्यूटी पर हैं। चुनाव के लिए प्रशिक्षण शिविर भी चल रहा है।
कम अध्यापकों के साथ कक्षाओं का संचालन
इस कारण स्कूल में सभी अध्यापक नहीं पहुंच पा रहे हैं। ऐसे में कम अध्यापकों के साथ ही कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। कम शिक्षक होने से कुछ कक्षाएं खाली रह जा रही हैं। ऐसे में अध्यापक दूसरी कक्षा के विद्यार्थियों को भी अपनी कक्षा में बैठाकर पढ़ाई करा रहे हैं।
अध्यापकों की ड्यूटी 11 फरवरी को चुनाव होने तक चलेंगे। तब तक स्कूल में इसी प्रकार से पढ़ाई होती रहेगी। ऐसे में कक्षा में सही से पढ़ाई न होने पर विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
इस मामले में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक स्कूल में कुछ अध्यापकों को शिक्षण कार्य के लिए छोड़ा गया है जो इस दौरान शिक्षण कार्य कराते रहे। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद तेजी से पढ़ाई कर कोर्स पूरा कराया जाएगा।